सफाई कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शहर की सड़कों पर पसरी गंदगी

सहरसा नगर निगम के सफाई कर्मियों ने वेतन वृद्धि और ईपीएफ जैसी 10 सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी. शहर में कचरा उठाव बंद होने से सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है, वहीं संगठन ने मांगें पूरी होने तक काम पर न लौटने का फैसला किया है.

By Divyanshu Prashant | May 12, 2026 12:35 PM

सहरसा. नगर निगम के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही. अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर अड़े कर्मियों के काम पर नहीं लौटने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. वार्डों से लेकर मुख्य सड़कों तक कचरे का उठाव नहीं होने से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

एजेंसी पर कम वेतन देने का आरोप

हड़ताल पर बैठे कर्मियों ने नगर निगम प्रशासन और आउटसोर्सिंग एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कर्मियों का आरोप है कि निगम एजेंसी के माध्यम से काम ले रहा है, लेकिन एजेंसी सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी कम वेतन का भुगतान कर रही है. उन्होंने मांग की है कि उनके वेतन में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए और ईपीएफ (EPF) से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए. इसके अलावा, हर माह एक निश्चित समय पर नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है.

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

सफाई कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष कुशाग्र कुमार ने दोटूक कहा कि जब तक नगर निगम प्रशासन उनकी सभी दस सूत्री मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करता, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि मजदूर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता.

हड़ताल में बड़ी संख्या में जुटे कर्मी

कुशाग्र कुमार के नेतृत्व में चल रहे इस विरोध प्रदर्शन में कपिल देव मल्लिक, अमर मल्लिक, बेचन उर्फ मुन्ना मल्लिक, विक्की मल्लिक, ओम प्रकाश मल्लिक और वाल्मीकि मल्लिक सहित बड़ी संख्या में महिला कर्मी भी शामिल रहीं. प्रदर्शनकारियों में सुलेखा देवी, निर्मला देवी, तारा देवी, पविया देवी आदि ने भी हुंकार भरते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं. यदि जल्द ही वार्ता के जरिए समाधान नहीं निकाला गया, तो शहर की स्थिति और भी विकट हो सकती है.