गरीब रथ एक्सप्रेस में महिला यात्री की तबीयत बिगड़ने से मौत, रेलवे फाटक पर जाम में फंसी रही एंबुलेंस
सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार को गरीब रथ एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. महिला को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
सिमरी बख्तियारपुर से आयुष की रिपोर्ट
Saharsa News : पूर्व मध्य रेलवे के सहरसा-मानसी रेलखंड स्थित सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब गरीब रथ एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई. आनन-फानन में महिला को ट्रेन से उतारकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद स्टेशन परिसर और अस्पताल में शोक का माहौल छा गया, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
मृतका की पहचान सुपौल जिले के लोढ़ा बिशनपुर निवासी सुनील जायसवाल की 45 वर्षीय पत्नी रीना देवी के रूप में हुई है. परिजनों ने बताया कि सुनील जायसवाल दिल्ली में एक पैथोलॉजी लैब का संचालन करते हैं. गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए वह पत्नी और दो बच्चों के साथ अपने पैतृक गांव आए थे. रविवार को पूरा परिवार सहरसा से अमृतसर जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस से दिल्ली लौट रहा था.
बताया गया कि ट्रेन जैसे ही सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, रीना देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई. परिवार के सदस्यों और यात्रियों ने तत्काल रेलवे कर्मियों तथा स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी दी. सूचना मिलने के बाद महिला को ट्रेन से उतारने की व्यवस्था की गई और अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई. परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस काफी देर से स्टेशन पहुंची, जिससे इलाज शुरू होने में देरी हुई.
रेलवे फाटक बंद रहने से बढ़ी परेशानी
महिला को लेकर स्टेशन से अनुमंडलीय अस्पताल के लिए निकली एंबुलेंस को रास्ते में एक और बड़ी बाधा का सामना करना पड़ा. ट्रेन के गुजरने के कारण रेलवे फाटक बंद था, जिससे एंबुलेंस करीब 10 से 15 मिनट तक फाटक पर खड़ी रही. परिजन लगातार जल्द रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे। फाटक खुलने के बाद एंबुलेंस अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. चिकित्सकों ने जांच के बाद रीना देवी को मृत घोषित कर दिया.
महिला की मौत की खबर मिलते ही उनके दोनों पुत्रों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. अस्पताल परिसर में मौजूद लोग भी बच्चों की हालत देखकर भावुक हो उठे. घटना के बाद काफी देर तक अस्पताल और रेलवे स्टेशन परिसर में लोगों की भीड़ लगी रही.
शव ले जाने के लिए भी करनी पड़ी मशक्कत
महिला की मौत के बाद परिजनों ने शव को सुपौल स्थित अपने पैतृक गांव ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन से एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने पहले शव वाहन उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर निजी वाहन की व्यवस्था करने की सलाह दी.
इसी बीच स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) आलोक राय को दी. सूचना मिलते ही एसडीएम ने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए और तत्काल परिजनों के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने को कहा. प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद अस्पताल की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, जिसके बाद परिजन रीना देवी का शव लेकर अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हुए.
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