सड़क निर्माण पर ‘दबंगई’ का आरोप, रास्ता मुक्त कराने वार्ड प्रतिनिधि ने डीएम से लगाई गुहार

Saharsa Road Construction Dispute: सहरसा नगर निगम के वार्ड संख्या-26 में सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है. वार्ड प्रतिनिधि ने डीएम को आवेदन देकर सार्वजनिक रास्ते से अतिक्रमण हटाने और नगर निगम की सड़क निर्माण योजना को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है.

By Shruti Kumari | July 6, 2026 3:01 PM

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट.

Saharsa Road Construction Dispute: नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-26 में प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है. वार्ड पार्षद साईबा खातून के प्रतिनिधि मो. अली खान के नेतृत्व में सोमवार को दर्जनों स्थानीय लोगों ने समाहरणालय पहुंचकर जिलाधिकारी को आवेदन सौंपा. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि एक व्यक्ति सरकारी सड़क निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है, जिससे सैकड़ों परिवारों के आवागमन पर असर पड़ रहा है.

सड़क निर्माण रोकने का लगाया आरोप

मो. अली खान ने आवेदन में बताया कि नगर निगम की योजना के तहत अली बाबू के घर से सहजाद अली के घर होते हुए एनएच-107 (सहरसा-मधेपुरा मुख्य मार्ग) तक सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत है. निर्माण कार्य शुरू होने पर वार्ड संख्या-27 निवासी मो. करामत अली ने संबंधित भूमि को अपनी निजी जमीन बताते हुए काम रुकवा दिया.

मापी में सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण का दावा

आवेदन के अनुसार, मामले को लेकर केवाला धारकों ने अंचलाधिकारी, कहरा और सदर थाना को लिखित शिकायत दी थी. इसके बाद 16 जून को अंचलाधिकारी, अंचल अमीन और पुलिस बल की मौजूदगी में स्थल की मापी कराई गई.

आवेदन में दावा किया गया है कि मापी प्रतिवेदन में संबंधित व्यक्ति द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक लगभग एक कट्ठा भूमि पर कब्जा करने तथा 10 फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते को बाधित करने का उल्लेख है.

धमकी और भ्रम फैलाने का भी आरोप

वार्ड प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति गलत तथ्यों के आधार पर लोगों को भ्रमित कर सड़क निर्माण में बाधा डाल रहा है. आवेदन में विरोध करने वालों को जान-माल की धमकी देने और अन्य आरोपों का भी उल्लेख किया गया है.

डीएम से सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग

वार्ड प्रतिनिधि ने जिलाधिकारी से सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कराकर नगर निगम की सड़क निर्माण योजना को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है. आवेदन के साथ अंचलाधिकारी की मापी रिपोर्ट, नगर निगम का कार्यादेश एवं अन्य संबंधित दस्तावेज संलग्न किए जाने की भी बात कही गई है.

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