डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर धरना जारी, अनशन शुरू

प्रखंड मुख्यालय नवहट्टा में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है.

By Dipankar Shriwastaw | June 9, 2026 5:25 PM

नवहट्टा. प्रखंड मुख्यालय नवहट्टा में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. रविवार की संध्या निकाले गये मशाल जुलूस के बाद सोमवार से दुर्गा स्थान परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ. जबकि मंगलवार से अनशन कार्यक्रम भी प्रारंभ कर दिया गया. अनशन पर विष्णुदेव महतो बैठे हैं. आंदोलनकारियों ने कहा कि प्रखंड मुख्यालय से लगभग सात किलोमीटर दूर कासिमपुर में डिग्री कॉलेज का अस्थायी संचालन एवं निर्माण कार्य क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के हित में नहीं है. उनकी मांग है कि डिग्री कॉलेज का संचालन एवं निर्माण कार्य नवहट्टा प्रखंड मुख्यालय में ही किया जाय. धरना की अध्यक्षता डिग्री कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने की. वक्ताओं ने कहा कि नवहट्टा प्रखंड मुख्यालय चारों दिशाओं से बेहतर सड़क संपर्क एवं आवागमन सुविधा से जुड़ा हुआ है. यहां पर्याप्त भूमि एवं भवन की उपलब्धता भी है. ऐसे में डिग्री कॉलेज की स्थापना मुख्यालय में होने से छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी एवं छात्राओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी. आंदोलनकारियों ने कहा कि पहले जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी मांग रखी गयी थी. लेकिन कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डिग्री कॉलेज को नवहट्टा मुख्यालय में स्थापित करने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. धरना एवं अनशन कार्यक्रम में संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, अशोक पासवान, मांगन साह, पंकज पाठक, अजय कुमार चौधरी, अमरेंद्र कुमार रवि, देवेंद्र मेहता, मंजूर आलम, मकसूद आलम, मनोज जायसवाल, मो हाशिम आलम, पूर्व मुखिया रूपम देवी, अभिमन्यु कुमार, मो नवाब अली, रिंकू खान, कुमार गौरव, अभिनव सिंह, मो शमीम, निर्मल झा, भाजपा प्रखंड अध्यक्ष अजय चौधरी, संतोष साहनी, मो सज्जों, पृथ्वी सदा, समिति कोषाध्यक्ष राजीव शाह सहित सैकड़ों की संख्या में प्रखंडवासी मौजूद थे. आंदोलनकारियों ने कहा कि नवहट्टा प्रखंड मुख्यालय में चारों दिशाओं से आवागमन की सुविधा उपलब्ध है. यहां जमीन एवं भवन भी उपलब्ध है. ऐसे में डिग्री कॉलेज का संचालन एवं निर्माण मुख्यालय में ही होना चाहिए. इससे छात्र-छात्राओं को अधिक लाभ मिलेगा एवं उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी.