अब मोबाइल कैमरे से दुनिया देखेगी जीविका दीदियों की सफलता, 5 दिन की खास ट्रेनिंग हुई पूरी
Jeevika Didi Training : सहरसा में जीविका दीदियों और कैडरों का पांच दिवसीय वीडियो निर्माण व मोबाइल जर्नलिज्म प्रशिक्षण संपन्न. अब सफलता की कहानियां डिजिटल माध्यम से पहुंचेंगी लोगों तक
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Jeevika Didi Training: गांवों में बदलाव की कहानियां अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगी. उन्हें मोबाइल कैमरे से रिकॉर्ड कर देश-दुनिया तक पहुंचाया जाएगा. इसी सोच के साथ सहरसा में जीविका दीदियों और कैडरों को पांच दिनों तक वीडियो निर्माण और डिजिटल संचार का विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसका शनिवार को समापन हो गया.
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल वीडियो बनाना सिखाना नहीं था, बल्कि उन प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाना था, जो गांवों में महिलाओं की जिंदगी बदल रही हैं. अब जीविका दीदियां खुद अपनी सफलता और बदलाव की कहानी कैमरे के जरिए लोगों तक पहुंचा सकेंगी.
मोबाइल जर्नलिज्म से डिजिटल कहानी कहने तक मिली ट्रेनिंग
सुलिंदाबाद स्थित स्थानीय शिक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों से आए जीविका कैडरों ने भाग लिया.
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सफलता की कहानी चुनने, स्क्रिप्ट लिखने, स्टोरीबोर्ड तैयार करने, मोबाइल से प्रोफेशनल वीडियो शूट करने, कैमरा एंगल, फ्रेमिंग, इंटरव्यू तकनीक, प्रकाश और ध्वनि के बेहतर उपयोग के साथ-साथ मोबाइल एप के जरिए वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
जीविका की सफलता अब वीडियो के जरिए पहुंचेगी हर घर
प्रशिक्षण में जीविका की प्रबंधक (संचार) सुधा दास ने प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया. उन्होंने प्रभावी संचार, मोबाइल जर्नलिज्म, कहानी लेखन, सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करने और प्रेरणादायक वीडियो बनाने की तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी.
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने समूह बनाकर जीविका दीदियों की सफलता की कहानियों पर आधारित लघु वीडियो भी तैयार किए, जिनका प्रदर्शन समापन समारोह में किया गया.
‘हर सफलता की कहानी बनेगी प्रेरणा’
समापन समारोह में जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार ने कहा कि जीविका दीदियों की सफलता की कहानियां केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि हजारों ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.
उन्होंने कहा कि जब इन कहानियों को लेख और वीडियो के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाता है, तो संगठन की विश्वसनीयता और सकारात्मक छवि मजबूत होती है. साथ ही यह भी सामने आता है कि जीविका की योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं.
Jeevika Didi Training: प्रमाण-पत्र के साथ नई जिम्मेदारी भी मिली
प्रशिक्षण के अंतिम दिन सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया. जिला परियोजना प्रबंधक ने उन्हें अपने-अपने प्रखंडों में जीविका की उपलब्धियों, नवाचारों और प्रेरणादायक कहानियों का गुणवत्तापूर्ण दस्तावेजीकरण करने तथा वीडियो बनाकर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया.
प्रतिभागियों ने भी इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताते हुए अपने कार्यक्षेत्र में सीखी गई तकनीकों का प्रभावी उपयोग करने का संकल्प लिया.
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