हावड़ा-सहरसा ट्रेन की उम्मीद जगी: पूर्व रेलवे ने शुरू किया विजिबिलिटी सर्वे, इसी महीने मिल सकती है सौगात

पूर्व रेलवे ने हावड़ा-सहरसा सीधी ट्रेन सेवा के लिए विजिबिलिटी सर्वे शुरू कर दिया है. भागलपुर-देवघर रूट पर इस ट्रेन के परिचालन की संभावना है, जिससे कोसी क्षेत्र के रेल यात्रियों को कोलकाता तक का सीधा सफर आसान हो जाएगा.

By Divyanshu Prashant | May 14, 2026 3:18 PM

सहरसा से नीरज कुमार बर्मा की रिपोर्ट: कोसी क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आ रही है. सहरसा से हावड़ा के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की दिशा में पूर्व रेलवे ने कदम बढ़ा दिए हैं. विक्रमशिला पुल ध्वस्त होने के बाद उत्पन्न हुई परिवहन समस्या को देखते हुए रेलवे ने इस रूट पर ‘विजिबिलिटी सर्वे’ शुरू कर दिया है. सूत्रों की मानें तो सब कुछ ठीक रहा तो अगले 7 से 10 दिनों के भीतर सहरसा को हावड़ा के लिए सीधी ट्रेन मिल सकती है.

हाटे बाजार पर निर्भरता होगी कम

सहरसा से कोलकाता (सियालदह) जाने के लिए फिलहाल यात्रियों के पास एकमात्र विकल्प ‘हाटे बाजार एक्सप्रेस’ है. यह ट्रेन सप्ताह में पांच दिन मानसी के रास्ते और दो दिन पूर्णिया के रास्ते चलती है. हावड़ा के लिए सीधी ट्रेन न होने से व्यवसायियों और छात्रों को काफी परेशानी होती थी. मधेपुरा सांसद दिनेश चंद्र यादव भी लंबे समय से इस मांग को रेल मंत्रालय के समक्ष उठाते रहे हैं.

भागलपुर-देवघर रूट से परिचालन की संभावना

रेलवे की प्रारंभिक योजना के अनुसार, नई ट्रेन सेवा सरायगढ़-सहरसा से खुलकर मुंगेर, भागलपुर, कहलगांव और देवघर के रास्ते हावड़ा तक जा सकती है. पूर्व रेलवे इसी रूट की व्यवहार्यता और तकनीकी पहलुओं (विजिबिलिटी रिपोर्ट) की जांच कर रहा है. रिपोर्ट सकारात्मक आते ही परिचालन को हरी झंडी मिल जाएगी.

हजारों यात्रियों को मिलेगी राहत

वर्तमान में इस रूट पर स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है:

  • सीमित विकल्प: सहरसा से भागलपुर के लिए फिलहाल केवल एक स्पेशल ट्रेन (05573/74) चल रही है.
  • बढ़ता दबाव: विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद रेल मार्ग पर यात्रियों का दबाव कई गुना बढ़ गया है.
  • समय सीमा: वर्तमान में चल रही सरायगढ़-भागलपुर स्पेशल ट्रेन की अवधि 31 मई तक ही है.

ऐसे में हावड़ा-सहरसा ट्रेन के शुरू होने से न केवल भागलपुर और देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि पश्चिम बंगाल जाने वाले हजारों कामगारों और यात्रियों को भी एक सुलभ विकल्प मिल जाएगा.