ऑनलाइन शिकायत, CO से मुलाकात… फिर भी नहीं मिली जमाबंदी की कॉपी, कर्मचारी पर टालमटोल का आरोप

Motihari News: मोतिहारी के चन्द्रहिया बंकट निवासी भारत मांझी ने सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी जमाबंदी की सत्यापित प्रति नहीं मिलने का आरोप लगाया है. मामला एडीएम स्तर तक पहुंचने के बावजूद समाधान नहीं होने की बात कही गई है.

By SAMANT KUMAR | July 6, 2026 6:27 PM

Motihari News: मोतिहारी के सदर प्रखंड अंतर्गत चन्द्रहिया बंकट निवासी भारत मांझी ने बिहार सरकार के सहयोग पोर्टल (RTMS) पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समाधान नहीं मिलने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें जमाबंदी की सत्यापित प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है.

यह भी पढ़ें: 21 साल से वही स्वाद… मुजफ्फरपुर के इस समोसे के लिए आज भी दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग

18 जून को दर्ज कराई थी शिकायत

भारत मांझी ने बताया कि उन्होंने 18 जून 2026 को सहयोग शिविर के माध्यम से आवेदन देकर जमाबंदी की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की थी. आवेदन संख्या REF416824 के अनुसार शिकायत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेजी गई है और मामले को कार्रवाई के लिए अपर जिला दंडाधिकारी (एडीएम) स्तर पर अग्रसारित किया गया है.

आवेदन खाता संख्या-187, खेसरा-141/1, जमाबंदी संख्या-537, थाना-194 से संबंधित है.

ऑनलाइन शिकायत, co से मुलाकात… फिर भी नहीं मिली जमाबंदी की कॉपी, कर्मचारी पर टालमटोल का आरोप 2

अंचलाधिकारी से भी की मुलाकात

फरियादी का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद वह अंचलाधिकारी से भी मिले. उनके अनुसार अंचलाधिकारी ने संबंधित कर्मियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई.

यह भी पढ़ें: आलू की खेती से लाखों कमाना चाहते हैं? कृषि वैज्ञानिक ने बताए बंपर मुनाफे के आसान तरीके

कर्मचारियों पर लगाया टालमटोल का आरोप

भारत मांझी का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी कार्य करने के बजाय उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगवा रहे हैं. इससे उन्हें अनावश्यक परेशानी और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ रहा है.

समाधान का इंतजार

फिलहाल फरियादी अपनी शिकायत के निस्तारण और जमाबंदी की सत्यापित प्रति मिलने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं, मामले में संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

यह भी पढ़ें: हर साल क्यों डूब जाता है मुजफ्फरपुर? नेपाल से लेकर बूढ़ी गंडक तक जानिए बाढ़ की पूरी कहानी