दिल्ली में पूर्वी चंपारण का जलवा, राष्ट्रीय मंच पर दो पैक्स अध्यक्षों की चर्चा
Motihari News: नई दिल्ली में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस समारोह में पूर्वी चंपारण के अजगरी पैक्स अध्यक्ष दिलीप सिंह और शंकर सरैया दक्षिणी पैक्स अध्यक्ष जय प्रकाश रस्तोगी ने भाग लिया. कार्यक्रम में डिजिटल पैक्स, पारदर्शिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में नई रणनीतियों पर चर्चा की गई.
मोतिहारी के बंजरिया से राज निखिल की रिपोर्ट
Motihari News: नई दिल्ली में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस समारोह में पूर्वी चंपारण के दो पैक्स अध्यक्षों ने जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई. राष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम में सहकारिता के आधुनिकीकरण, डिजिटल व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया.
अमित शाह ने किया समारोह का उद्घाटन
दो दिवसीय राष्ट्रीय समारोह का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम में देशभर से सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
पूर्वी चंपारण के दो पैक्स अध्यक्षों ने बढ़ाया मान
समारोह में पूर्वी चंपारण जिले के अजगरी पैक्स के अध्यक्ष दिलीप सिंह और शंकर सरैया दक्षिणी पैक्स के अध्यक्ष जय प्रकाश रस्तोगी ने भाग लिया. दोनों प्रतिनिधियों की सहभागिता को जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
डिजिटल पैक्स मॉडल अपनाने का लिया संकल्प
राष्ट्रीय कार्यक्रम से लौटने के बाद दोनों पैक्स अध्यक्षों ने कहा कि अब उनके पैक्स में डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने बताया कि दिल्ली में मिली नई तकनीकी और प्रबंधन संबंधी जानकारियों को स्थानीय स्तर पर लागू किया जाएगा, ताकि किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को बेहतर सेवाएं मिल सकें.
पांच वर्षों की उपलब्धियों का रखा गया लेखा-जोखा
समारोह के दौरान सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने मंत्रालय की पांच वर्षों की उपलब्धियों और विकास यात्रा की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि डिजिटल पैक्स, पारदर्शी व्यवस्था और नई नीतियों के कारण सहकारिता क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है और पैक्स अब बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में विकसित हो रहे हैं.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सहकारिता अब केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है. विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सहकारिता आंदोलन की भूमिका और मजबूत करने पर बल दिया गया.
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