पिपराकोठी में किसान आंदोलन तेज, RJD सांसद सुधाकर सिंह खुद ट्रैक्टर लेकर खेत में उतरे

Motihari News: पिपराकोठी में प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध तेज हो गया है. किसानों के समर्थन में पहुंचे राजद सांसद सुधाकर सिंह ने विवादित जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया.

By Purushottam Kumar | July 3, 2026 4:33 PM

मोतिहारी से सुजीत कुमार पाठक की रिपोर्ट

Motihari News: पूर्वी चंपारण के पिपराकोठी में प्रस्तावित वाटर पार्क परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है. शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद एवं पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह किसानों के समर्थन में विवादित जमीन पर पहुंचे और खुद ट्रैक्टर चलाकर खेत की जुताई की. इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर किसानों की जमीन जबरन लेने का आरोप लगाते हुए आंदोलन को पटना से दिल्ली तक ले जाने की चेतावनी दी.

पिपराकोठी में किसान आंदोलन तेज, rjd सांसद सुधाकर सिंह खुद ट्रैक्टर लेकर खेत में उतरे 2

महापंचायत में जुटे सैकड़ों किसान

पिपराकोठी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र और दीनदयाल उपाध्याय वानिकी महाविद्यालय के समीप आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए. सभा के बाद सांसद सुधाकर सिंह किसानों के साथ विवादित खेत में पहुंचे और ट्रैक्टर चलाकर प्रतीकात्मक रूप से खेती की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि यह उपजाऊ जमीन किसानों की है और इस पर खेती ही होगी.

70 से 80 वर्षों से खेती करने का दावा

किसानों का कहना है कि वे पिछले 70 से 80 वर्षों से इस भूमि पर खेती कर रहे हैं. उनके पास वैध दस्तावेज और एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण) भी उपलब्ध हैं. आरोप है कि बिना उचित सुनवाई के प्रशासन ने उनकी जमाबंदी रद्द कर दी. किसानों का यह भी कहना है कि संबंधित अधिकारियों से आदेश की प्रति मांगने पर भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है.

प्रशासन बता रहा सरकारी जमीन

दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि गैरमजरूआ (सरकारी) है. राज्य सरकार के निर्देश पर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहां वाटर पार्क विकसित करने की योजना बनाई गई है. इसी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है.

पहले भी हो चुका है विरोध

बताया गया कि कुछ दिन पहले प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ भूमि की पैमाइश के लिए पहुंची थी. उस समय किसानों ने जमीन पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति भी बनी थी. महिलाओं समेत कई किसानों ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए थे.

सांसद ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

सुधाकर सिंह ने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि जमीन उसकी है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाए. किसानों की सहमति के बिना उनकी आजीविका छीनना भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 की भावना के विपरीत है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल मोतिहारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर पटना और दिल्ली तक ले जाया जाएगा.

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

सांसद के ट्रैक्टर चलाने के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. वहीं विपक्ष इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी में है.

यह भी पढ़ें: महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए भूमि अधिग्रहण पर हाई लेवल बैठक, डीएम ने दिए सख्त निर्देश