प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने सुनीं जनसमस्याएं, मोतिहारी के 71 पंचायतों में सहयोग शिविर

पूर्वी चंपारण के 27 प्रखंडों की 71 पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविर में 7766 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें से 4184 मामलों का मौके पर निष्पादन कर लोगों को राहत प्रदान की गई. पढ़ें पूरी खबर...

By Sarfaraz Ahmad | June 2, 2026 7:06 PM

मोतिहारी से इंतेजारूल हक की रिपोर्ट

Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले के 27 प्रखंडों की 71 पंचायतों में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं. जिलेभर में आयोजित शिविरों में कुल 7766 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5654 आवेदनों को स्वीकृति दी गई और 4184 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया.

प्रभारी मंत्री और सांसद ने सुनीं जनसमस्याएं

सहयोग शिविर में प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने चिरैया प्रखंड के हरनारायण और ढाका प्रखंड के गवंद्री पंचायत में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं. वहीं सांसद लवली आनंद भी विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आईं.

प्रभारी सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने चकिया और पीपराकोठी में आयोजित शिविरों का निरीक्षण कर फरियादियों से संवाद किया. इस दौरान स्थानीय विधायक, विधान पार्षद और प्रशासनिक अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहे.

सरकार आपके द्वार की अवधारणा को मिल रही मजबूती

प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. “सरकार आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करने के लिए पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि पंचायत सचिव, बीडीओ, अंचलाधिकारी और थाना स्तर की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है. जबकि बड़े मामलों को जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है.

19 विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

शिविर में राजस्व, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनरेगा, विद्युत समेत 19 विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए. अधिकांश मामलों का निपटारा मौके पर किया गया.

प्रशासन ने बताया कि प्राप्त सभी आवेदनों को दर्ज कर लिया गया है और शेष मामलों के निष्पादन के लिए 30 दिनों का लक्ष्य तय किया गया है.

शिकायत के लिए टोल-फ्री सुविधा

अधिकारियों ने बताया कि जो लोग शिविर में शामिल नहीं हो सके, वे 1100 टोल-फ्री नंबर पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसका उद्देश्य लोगों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत देना है.