IIT BHU से बीटेक के बाद प्लेसमेंट को ठुकराया, UPSC में पहली बार में मारी बाजी

UPSC Success Story: कानपुर के रहने वाले सुयश कुमार ने अपने पहले प्रयास में UPSC में सफलता हासिल की है. स्कूल से लेकर कॉलेज तक, वे हमेशा से पढ़ने वाले स्टूडेंट रहे.

By Shambhavi Shivani | May 24, 2026 11:06 AM

UPSC Success Story: यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा काफी कठिन होती है. बहुत सारे कैंडिडेट्स अपने 3-4 अटेंप्ट के बाद भी इस परीक्षा को क्लियर नहीं कर पाते हैं. वहीं कुछ ऐसे धुरंधर भी हैं, जो अपने पहले प्रयास में ही इस परीक्षा में सफलता हासिल कर लेते हैं. 2025 बैच के सुयश कुमार (Suyash Kumar) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, IIT BHU से पढ़ाई के बाद उन्होंने सिविल सेवा में आने का मन बनाया और अपने पहले प्रयास में ही सफलता हासिल कर ली.

बचपन से ही पढ़ने में अच्छे थे

सुयश कुमार उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं. 31 जनवरी 2001 को जन्मे सुयश कुमार बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थे. उन्होंने 10वीं और 12वीं दोनों में टॉप किया था. एक इंटरव्यू में सुयश ने बताया कि उनकी शानदार अकैमिक परफॉर्मेंस के कारण परिवार वालों की इच्छा थी कि वे IIT में एडमिशन लें.

सुयश कुमार,IIT BHU दीक्षांत समारोह की फोटो (PC-इंस्टाग्राम)

IIT BHU के बाद चुना UPSC का रास्ता चुना

परिवार के सपने को पूरा करते हुए सुयश ने फेमस IIT BHU से में BTech किया. उन्होंने वर्ष 2023 में केमिकल ब्रांच से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. IIT में पढ़ाई के दौरान ही उनका रुझान सिविल सेवा की ओर बढ़ा और उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने प्लेसमेंट में शामिल होने का भी नहींं सोचा, जबकि उनके 8.5 CGPA थे.

दूसरे अभ्यर्थी को दिया सफलता का मंत्र

सुयश कुमार ने यूपीएससी परीक्षा के लिए PSIR को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना. उनका मानना है कि सही स्ट्रैटजी, लगातार पढ़ाई और आत्मविश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान बेसिक्स मजबूत रखने, करंट अफेयर्स पर फोकस करने और उत्तर लेखन का लगातार अभ्यास करने पर जोर दिया.

UPSC CSE 2024 रिजल्ट पीडीएफ

पहले प्रयास में पाई सफलता

सुयश कुमार ने CSE 2024 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 468 हासिल किया. खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की. अब उन्हें आंध्र प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है और मई 2026 से उन्होंने सहायक कलेक्टर (प्रोबेशनरी) के रूप में प्रशासनिक सेवा की शुरुआत कर दी है.

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