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Home World 60900 MT गैस-डीजल वाला रूसी जहाज बना टाइम बम, यूरोप में फैली दहशत; इटली हो जाएगा बर्बाद!

60900 MT गैस-डीजल वाला रूसी जहाज बना टाइम बम, यूरोप में फैली दहशत; इटली हो जाएगा बर्बाद!

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60900 MT गैस-डीजल वाला रूसी जहाज बना टाइम बम, यूरोप में फैली दहशत; इटली हो जाएगा बर्बाद!
ड्रोन हमले में जला रूस का तेल टैंकर. फोटो- एक्स

Russian Oil Tanker Ticking Time Bomb: मेडिटेरेनियन सागर में एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है. रूस का प्रतिबंधित टैंकर आर्कटिक मेटागाज (Arctic Metagaz) इस समय बिना चालक दल के बेकाबू हालत में समुद्र में बह रहा है. टैंकर के एक हिस्से में बड़ा छेद हो चुका है और इससे भीषण पर्यावरणीय आपदा का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है. यूरोपीय देशों में इस घटना को लेकर दहशत का माहौल है. इटली समेत यूरोपीय संघ के 9 देशों ने यूरोपीय आयोग को संयुक्त पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है. इटली के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस टैंकर को चलता-फिरता इनवायरमेंटल बम बताया है, जो कभी भी फट सकता है.

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह टैंकर रूस के उस शैडो फ्लीट का हिस्सा है, जो पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए गुपचुप तरीके से तेल और गैस की सप्लाई करता है. 277 मीटर लंबा यह जहाज रूस के आर्कटिक पोर्ट मरमांस्क से मिस्र के लिए रवाना हुआ था. लेकिन 3 मार्च को मध्य भूमध्य सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में, माल्टा से करीब 168 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में इस पर समुद्री और हवाई ड्रोन से हमला हुआ. 

लीबिया ने क्रू मेंबर्स को बचाया

जिस समय इस पर हमला हुआ था, उस समय इस पर 30 क्रू मेंबर थे, लेकिन तब से यह जहाज समुद्र में लावारिस और खतरनाक स्थिति में तैर रहा है. चालक दल को लीबिया के कोस्टगार्ड ने सुरक्षित निकाल लिया  और बेंगाजी पहुंचाया. जहाज के ऊपर से ली गई निगरानी फुटेज में यह टैंकर काले धुएं से झुलसा हुआ और एक तरफ झुका हुआ दिखाई दे रहा है. इसके बाएं हिस्से (पोर्ट साइड) में बड़ा छेद हो गया है और आसपास के पानी में संदिग्ध परत जैसी चीज तैरती दिख रही है, जिससे रिसाव की आशंका और बढ़ गई है. 

जहाज पर तबाही का सामान

सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह टैंकर 60,000 मीट्रिक टन से ज्यादा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) लेकर चल रहा है, यह अभी तक जहाज के ढांचे में मौजूद है. इसके अलावा इसमें करीब 900 मीट्रिक टन डीजल भी मौजूद है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसमें विस्फोट हुआ या तेल रिसाव हुआ, तो यह पूरे क्षेत्र के समुद्री पर्यावरण को तबाह कर सकता है. यही कारण है कि इसे चलता-फिरता बम माना जा रहा है.

रूस ने हमले का आरोप यूक्रेन पर लगाया था

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे आतंकी हमला करार दिया था. रूस ने इसके लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया. हालांकि, यूक्रेन ने इस हमले में अपनी भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. यूक्रेन रूसी जहाजों पर हमला करना वैध लक्ष्य मानता है, क्योंकि उसका मानना है कि इसी रूस इस युद्ध को फंड कर रहा है. 

अभी कहां है यह जहाज

रविवार तक यह जहाज सिसिली के लिनोसा द्वीप से करीब 20 नॉटिकल मील दूर बहता हुआ पाया गया. वहीं, बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 17 मार्च तक यह टैंकर इटली के समुद्री क्षेत्र से दूर दक्षिण की ओर बहता हुआ लीबिया की दिशा में बढ़ रहा है. लैम्पेडुसा द्वीप के आसपास के समुद्री इलाके पर विशेष नजर रखी जा रही है. इटली और माल्टा के अधिकारी लगातार इसकी गतिविधियों पर निगरानी बनाए हुए हैं. अब सबसे बड़ा खतरा यह है कि जहाज पूरी तरह नियंत्रण खो चुका है और समुद्र में बह रहा है.

इटली ने जहाज को गैस से भरा टाइम बम करार दिया

इटली के काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स के सचिव अल्फ्रेडो मान्टोवानो ने चेतावनी दी है कि इस टैंकर से जुड़ा खतरा बेहद विशाल है और यह किसी भी समय विस्फोट कर सकता है. इटली को डर है कि बदलती हवाओं के कारण यह उनके तट के करीब आ सकता है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रक्षा, विदेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा से जुड़े मंत्रियों के साथ आपात बैठक की.

बैठक में इसे गैस से भरा टाइम बम करार दिया गया और साफ कहा गया कि इसे किसी इटालियन पोर्ट पर लाना सुरक्षित नहीं है. इटली और माल्टा दोनों इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और टगबोट्स व एंटी-पॉल्यूशन संसाधनों को तैनात कर दिया गया है. पहले लीबिया ने गलती से इस जहाज के डूबने की खबर दे दी थी, लेकिन बाद में माल्टा ने इसे देखा और इटली को सूचना दी. 

अब दोनों देशों ने समुद्र में मौजूद जहाजों को आदेश दिया है कि वे इस खतरनाक टैंकर से कम से कम 5 नॉटिकल मील की दूरी बनाए रखें. माल्टा ने एक विशेष समुद्री बचाव टीम को लगाया है, जो यह तय करेगी कि जहाज को खींचकर किसी बंदरगाह तक लाया जाए या समुद्र में ही डुबो दिया जाए.

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पर्यावरण संगठनों ने जारी किया मैक्सिमम अलर्ट

इस पूरे घटनाक्रम ने पर्यावरण संगठनों की चिंता भी बढ़ा दी है. वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) ने मैक्सिमम अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है. संगठन के मुताबिक, अगर यह जहाज डूबता है या इसमें रिसाव होता है, तो इससे समुद्र में आग लग सकती है, जहरीले गैस के बादल बन सकते हैं और लंबे समय तक पानी व वातावरण प्रदूषित हो सकता है.

जिस इलाके में यह जहाज बह रहा है, वहां भूमध्य सागर की लगभग सभी संरक्षित समुद्री प्रजातियां पाई जाती हैं. यहां ब्लूफिन टूना और स्वॉर्डफिश जैसी मछलियां भी गुजरती हैं. WWF ने चेताया है कि यह इलाका बेहद संवेदनशील है और यहां किसी भी तरह की दुर्घटना से अपूरणीय पर्यावरणीय नुकसान हो सकता है. अगर ये नहीं रोका गया और इटली और माल्टा के आस-पास यह घटना हुई तो उनके समुद्री किनारे बर्बाद हो सकते हैं. 

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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