[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World अमेरिका पर बरसे गालिबफ, कहा- अधिकारों से समझौता नहीं, नाकाम होंगे US के मंसूबे

अमेरिका पर बरसे गालिबफ, कहा- अधिकारों से समझौता नहीं, नाकाम होंगे US के मंसूबे

0
अमेरिका पर बरसे गालिबफ, कहा- अधिकारों से समझौता नहीं, नाकाम होंगे US के मंसूबे
Iran US Conflict

Iran US Conflict: ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने रविवार को अमेरिका की जमकर बुराई की. उन्होंने यूएस राष्ट्रपति ट्रंप पर इस्लामी गणराज्य को कमजोर करने और देश में विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. गालिबफ ने कहा कि वाशिंगटन आर्थिक दबाव और मीडिया हेरफेर के जरिए ईरान की राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाना चाहता है, लेकिन तेहरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने का उसका सपना कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने इसे अमेरिका का कोरा सपना करार दिया है.

गालिबफ ने कहा- सैन्य पराजय की भरपाई के लिए अमेरिका रच रहा साजिश

ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी (IRIB) की और से जारी बयान के अनुसार, गालिबफ ने कहा कि दुश्मन अपनी सैन्य विफलताओं की भरपाई आर्थिक प्रतिबंधों और प्रचार तंत्र के जरिए करना चाहता है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान में फूट डालकर देश को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. गालिबफ ने कहा- युद्ध के नए चरण में दुश्मन आर्थिक दबाव और मीडिया हेरफेर के जरिए देश की एकता को नष्ट करने और हमें आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है. यह उनका एक झूठा सपना है.

बोले गालिबफ- ईरान और इस्लाम को मिटाने की कोशिश कर रहा दुश्मन

ईरानी संसद के अध्यक्ष ने कहा कि देश एक ऐतिहासिक और संवेदनशील दौर से गुजर रहा है. उन्होंने दावा किया कि ईरानी जनता उस दुश्मन का डटकर मुकाबला कर रही है, जो ईरान और इस्लाम को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है. गालिबफ ने अमेरिका और ईरान को जल्लाद और हत्यारा दुश्मन करार दिया है. उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां मौजूदा संघर्ष को इतिहास के सबसे अहम मोड़ के रूप में हमेशा याद रखेंगी और इस बात पर गर्व करेंगी कि उनके पूर्वजों ने देश की संप्रभुता और अधिकारों की रक्षा की.

संघर्ष के चार मोर्चों का किया उल्लेख

गालिबफ ने वर्तमान परिस्थितियों को पूर्ण संघर्ष बताते हुए इसके चार प्रमुख क्षेत्रों का जिक्र किया. उन्होंने कहा- सैन्य मोर्चा, जन मोर्चा, कूटनीतिक और जनसेवा… इन चारों क्षेत्रों में समन्वित प्रयासों के जरिए ही देश अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकता है. गालिबफ ने कहा कि ईरान की सैन्य उपलब्धियां, विशेषकर मिसाइल कार्यक्रम में हुई प्रगति, जनता के सहयोग और समर्थन की बदौलत संभव हुई हैं. उन्होंने कहा कि अब कूटनीति की जिम्मेदारी है कि इन सैन्य सफलताओं को राजनीतिक और कानूनी उपलब्धियों में बदला जाए.

जनता के अधिकारों से समझौता नहीं करेगा ईरान

ईरानी संसद अध्यक्ष ने साफ किया कि विदेशी शक्तियों के साथ किसी भी समझौते को तभी स्वीकार किया जाएगा, जब उससे ईरानी जनता के अधिकार सुरक्षित रहें. उन्होंने कहा कि ईरान केवल ठोस परिणामों और व्यावहारिक उपलब्धियों को महत्व देता है. दुश्मन के वादों और बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता. इसलिए ऐसा कोई भी समझौता मंजूर नहीं किया जाएगा, जिससे देश के हितों और जनता के अधिकारों को नुकसान पहुंचे.

संसद के नए सत्र में दिया संबोधन

गालिबफ ने ये टिप्पणियां ईरान की 12वीं संसद के तीसरे साल के पहले सत्र के दौरान कहीं. यह कार्यक्रम आभासी रूप से आयोजित किया गया था, जिसमें 187 सांसद ऑनलाइन शामिल हुए, जबकि 14 सांसदों ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति दर्ज कराई.

Previous article मधुबनी: श्रीकृष्ण के मथुरा जाने के वियोग में सुध-बुध खो बैठीं गोपियां, भावुक हुए श्रद्धालु
Next article शादी के सालगिरह कार्यक्रम में कट्टा के साथ डांस करते युवक का वीडियो वायरल, धराया
Avatar Of Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel