कौन हैं जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई, जो तैयार करेंगी बंगाल के लिए समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट
Who is Justice Ranjana Prakash Desai: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी कर ली है. इसका ड्राफ्ट तैयार करने के लिए हाई-लेवल कमेटी बनी है, जिसकी अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई होंगी. कौन हैं रंजना प्रकाश देसाई और क्या होंगी उनकी जिम्मेदारी? यहां पढ़ें.
खास बातें
Who is Justice Ranjana Prakash Desai: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को घोषणा की कि उनकी सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करेगी. इसका मसौदा तैयार करने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनेगी, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगीं. मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में इसका ऐलान किया. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने घोषणा पत्र में जितने भी वादे किये थे, सभी को पूरे करेगी.
सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज हैं रंजना प्रकाश देसाई
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (Justice Ranjana Prakash Desai) सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज हैं. जस्टिस देसाई इससे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (Union Civil Code – UCC) का ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति की अगुवाई कर चुकी हैं. इससे यह साफ संकेत मिलता है कि बंगाल सरकार इस कानून को बेहद मजबूत और त्रुटिहीन कानूनी ढांचे के साथ पेश करना चाहती है.
2 जुलाई को कैबिनेट में आयेगा यूसीसी का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने संकेत दिये हैं कि 2 जुलाई को कैबिनेट से इस यूसीसी को हरी झंडी मिलने के बाद अगस्त में इस विधेयक को औपचारिक रूप से पारित कराने के लिए विधानसभा के पटल पर रखा जायेगा.
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जस्टिस रंजना प्रकाश की अध्यक्षता में बनेगी हाई लेवल कमेटी
चीफ मिनिस्टर ने कहा है कि प्रस्तावित कानून का खाका तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज की अध्यक्षता में हाई-लेवल कमेटी बनेगी. समिति 4 हफ्ते के अंदर अपनी सिफारिशें सौंपेगी, ताकि अगस्त में विधानसभा के विस्तारित बजट सत्र के दौरान सरकार के लिए यूसीसी विधेयक पेश करने का रास्ता साफ हो जाये.
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गुजरात, असम और उत्तराखंड की तर्ज पर बनेगा कानून
बंगाल के चीफ मिनिस्टर ने बताया कि प्रस्तावित कानून को गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक 2026, असम यूसीसी कानून और उत्तराखंड समान नागरिक संहिता अधिनियम 2024 के आधार पर तैयार किया गया है. प्रस्तावित कानून में राज्य के आदिवासी, मूल निवासी, कुड़मी और आधिकारिक तौर पर मान्यताप्राप्त अन्य जनजातीय समुदायों को छूट दी जायेगी, जैसा कि उत्तराखंड और गुजरात मॉडल के तहत छूट दी गयी है.
कमेटी में रिटायर्ड आईएएस, विधि विशेषज्ञ भी
- रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई
- एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी
- एक विधि विशेषज्ञ
- एक शिक्षाविद
- एक समाजसेवी
- राज्य प्रशासन के एक अतिरिक्त सचिव. अतिरिक्त सचिव समिति के सदस्य सचिव के तौर पर भी काम करेंगे और इसके प्रशासनिक कामकाज को देखेंगे.
Who is Justice Ranjana Prakash Desai: पर्सनल और फैमिली लॉ की समीक्षा करेगी समिति
समिति के कामकाज के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिति राज्य में अभी लागू वैयक्तिक और पारिवारिक कानूनों की व्यापक समीक्षा करेगी और एक साझा कानूनी ढांचा लागू करने की संभावनाओं की जांच करेगी. समिति से यह भी उम्मीद है कि वह अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित पक्षों से सुझाव या विचार आमंत्रित करेगी.
रीतब्रत गुट के टीएमसी विधायकों ने विरोध में की नारेबाजी
विपक्ष के नेता रीतब्रत बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने प्रस्तावित कानून के विरोध में नारे लगाये. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों को कोई आपत्ति या सुझाव देना है, वे सीधे उच्चस्तरीय समिति को सौंप सकते हैं.
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