आदिवासियों पर मेहरबान शुभेंदु अधिकारी, 350 करोड़ के विशेष पैकेज का ऐलान

Suvendu Adhikari Gift to Tribes: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हूल दिवस पर आदिवासियों के लिए सरकार के खजाने खोल दिये. उन्होंने जनजातीय समुदाय के लिए 350 करोड़ के विशेष पैकेज के साथ 11 बड़ी घोषणाएं कीं. पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.

By Mithilesh Jha | July 1, 2026 6:46 AM

बांकुड़ा से प्रणव वैरागी की रिपोर्ट

Suvendu Adhikari Gift to Tribes: हूल दिवस पर बांकुड़ा जिले के मुकुटमणिपुर से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आदिवासी समाज के लिए योजनाओं की झड़ी लगा दी. राज्यस्तरीय समारोह में आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए 350 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की घोषणा की. आदिवासियों के लिए रोजगार, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़ीं कई अहम योजनाओं का भी उन्होंने ऐलान किया. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों की उपेक्षा की. सीएम ने अनुसूचित जाति-जनजाति के फर्जी जाति प्रमाण-पत्र जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी.

पश्चिमांचल को मिलेंगे 1200 करोड़ रुपए

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय विकास विभाग को आदिवासी इलाकों के विकास के लिए 350 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज तैयार करने का निर्देश दिया गया है. पश्चिमांचल विकास विभाग के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 1200 करोड़ रुपए आवंटित किये गये हैं. इस राशि से जंगलमहल के बांकुड़ा, पुरुलिया, झारग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर के 75 विकासखंडों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य व अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जायेगा.

अन्नपूर्णा भंडार से 5 लाख आदिवासी महिलाओं को लाभ

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 1 जुलाई से ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ का लाभ राज्य की 1.20 करोड़ महिलाओं को मिलेगा. इनमें करीब 5 लाख आदिवासी महिलाएं शामिल हैं. उन्होंने बताया कि लाभार्थियों के बैंक खातों में बुधवार को 3000 रुपए की पहली किस्त भेजी जायेगी.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Suvendu Adhikari Gift: आदिवासियों को 125 दिन रोजगार, छात्रावास भत्ता 1500 रुपए बढ़ा

आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने कई नयी घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि अब आदिवासी श्रमिकों को 100 दिनों की बजाय 125 दिन रोजगार मिलेगा. आदिवासी छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों का मासिक भत्ता 1800 रुपए से बढ़ाकर 3300 रुपए किया जायेगा. इतना ही नहीं, ‘जय जोहार’ योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि में 500 रुपए की वृद्धि की गयी है. आदिवासी लोक कलाकारों को भत्ता देने के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्र भी उपलब्ध कराये जायेंगे.

इसे भी पढ़ें : हूल दिवस विशेष: सिदो-कान्हू को हुई फांसी, तो चांद भैरव और फुलो झानों का क्या हुआ?

स्वास्थ्य, पर्यटन व सड़क परियोजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने मुकुटमणिपुर को राज्य के आदर्श पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने, आधुनिक अस्पताल स्थापित करने व आदिवासी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में तेजी लाने की घोषणा की. उन्होंने झारखंड के जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर को जोड़ने वाले करीब 200 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड हाई-वे के निर्माण की योजना का भी उल्लेख किया. कहा कि इससे उद्योग व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.

मुख्यमंत्री की 11 प्रमुख घोषणाएं

  1. पश्चिमांचल विकास विभाग के लिए 1200 करोड़ रुपये का बजट आवंटन.
  2. अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ 1.20 करोड़ महिलाओं को, इनमें करीब 5 लाख आदिवासी महिलाएं.
  3. आज से लाभार्थियों के खातों में 3000 रुपए की पहली किस्त भेजी जायेगी.
  4. आदिवासी श्रमिकों को 100 की जगह 125 दिन रोजगार मिलेगा.
  5. आदिवासी छात्रावास के विद्यार्थियों का मासिक भत्ता 1800 रुपए से बढ़ाकर 3300 रुपए.
  6. ‘जय जोहार’ योजना की सहायता राशि में 500 रुपए की बढ़ोतरी होगी.
  7. आदिवासी लोक कलाकारों को भत्ता और पारंपरिक वाद्य यंत्र उपलब्ध कराये जायेंगे.
  8. मुकुटमणिपुर में आधुनिक अस्पताल और आदर्श पर्यटन केंद्र विकसित किये जायेंगे.
  9. जमशेदपुर-दुर्गापुर को जोड़ने वाले 200 किमी ग्रीनफील्ड हाईवे की योजना.
  10. फर्जी जाति प्रमाण-पत्र जारी करने वालों और लाभ लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी.
  11. सरकार ने जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा का दोहराया संकल्प.

फर्जी जाति प्रमाण-पत्र पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण प्रावधानों की अनदेखी की. उन्होंने कहा कि फर्जी जाति प्रमाण-पत्र जारी करने वाले अधिकारियों और उसका लाभ लेने वालों के खिलाफ प्रमाण मिलने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी और दोषियों को जेल भेजा जायेगा.

आदिवासी संस्कृति व अधिकारों की रक्षा का वादा

मुख्यमंत्री का आदिवासी महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज से स्वागत किया. उन्होंने सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरकार जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा व उनके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा ओल चिकी लिपि को मान्यता दिये जाने और झारखंड राज्य के गठन का उल्लेख करते हुए आदिवासी समाज के सम्मान को सरकार की प्राथमिकता बताया.

आदिवासी समाज को योजनाओं का तोहफा

राज्य के आदिवासी विकास विभाग की ओर से मुकुटमणिपुर स्थित मॉडल एकलव्य विद्यालय मैदान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने सिदो-कान्हू की नवस्थापित प्रतिमा का अनावरण किया. मंत्री खुदीराम टुडू ने उन्हें आदिवासी संस्कृति का प्रतीक तीर-धनुष भेंट किया. आदिवासी कलाकार बिजली मुर्मू ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी. मंत्री खुदीराम टुडू ने हूल विद्रोह के इतिहास और उसके महत्व पर प्रकाश डाला. हूल दिवस समारोह में बांकुड़ा, पुरुलिया व झारग्राम के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद थे.