रानीगंज के आस्था भवन में धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा, डेढ़ दर्जन लोग हिरासत में
Raniganj Astha Bhavan Conversion: पश्चिम बंगाल के रानीगंज में कथित धर्मांतरण के आरोपों के बाद आस्था भवन में बवाल हो गया. प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण की कोशिश का आरोप लगाकर बीजेपी, वीएचपी और बजरंग दल ने मोर्चा खोल दिया. दोनों पक्षों में मारपीट के बाद पुलिस ने डेढ़ दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है.
Raniganj Astha Bhavan Conversion: रानीगंज के रामबागान स्थित आस्था भवन में कथित धर्मांतरण की गतिविधियों के आरोप के बाद रविवार को भारी तनाव उत्पन्न हो गया. सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. सभी ने मिलकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. आरोप है कि यहां प्रार्थना सभा के नाम पर गरीब व जरूरतमंद लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था.
बहस के बाद मारपीट, पुलिस ने संभाला मोर्चा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई. स्थिति बिगड़ गयी और दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई. सूचना मिलते ही आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम मौके पर पहुंची और अतिरिक्त बल तैनात कर माहौल को शांत कराया. पुलिस ने पूछताछ के लिए कई महिलाओं सहित लगभग डेढ़ दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है.
स्वास्थ्य सुधार के दावों से प्रभावित करने का खेल
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सभा में शामिल लोगों को स्वास्थ्य लाभ, मानसिक तनाव और भय से मुक्ति जैसे दावों से प्रभावित किया जाता था. हालांकि, धन या अन्य प्रलोभन देने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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प्रार्थना सभा के जरिये लोगों को दिया जाता है लालच : विहिप
विहिप कार्यकर्ता शुभम रावत ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभाओं के जरिये लोगों को जुटाकर लालच दिया जाता है. भाजपा नेताओं आनंद साव और मनोज ओझा ने निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.
Raniganj Astha Bhavan Conversion: आयोजकों ने आरोपों से किया इनकार
आयोजकों ने सभी आरोपों को नकारा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है.
