दुर्गापुर में ‘जय श्रीराम’ बनाम ‘जय बांग्ला’ के नारों पर संग्राम, भाजपा के रोड शो में भिड़े बीजेपी-टीएमसी समर्थक
Durgapur Election Violence: दुर्गापुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी चंद्रशेखर बनर्जी के रोड शो के दौरान भाजपा और टीएमसी समर्थकों में मारपीट हुई. तृणमूल ने सेंट्रल फोर्स पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया. चुनावी माहौल गरमा गया है.
Durgapur Election Violence| दुर्गापुर, अविनाश यादव : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के प्रचार के आखिरी दिन दुर्गापुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. मंगलवार शाम शहर के आइंस्टीन इलाके में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई.
तृणमूल कांग्रेस के कई कार्यकर्ता घायल
इस हिंसक झड़प में बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के कई कार्यकर्ता घायल हो गये. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है. तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय सुरक्षा बल (Central Force) के जवानों पर पक्षपात करने और उनके कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने का गंभीर आरोप लगाया है.
नारेबाजी से शुरू हुआ विवाद, मारपीट में बदला
विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब भाजपा उम्मीदवार चंद्रशेखर बनर्जी का रोड शो इस्पात नगर के जेसी बोस इलाके से गुजर रहा था. रोड शो के दौरान भाजपा समर्थक ‘जय श्रीराम’ के नारे लगा रहे थे. वहां मौजूद तृणमूल समर्थकों ने जवाब में ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाये.
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नारों की यह जंग देखते ही देखते हिंसक हो गयी और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गयी. स्थिति बिगड़ता देख दुर्गापुर थाना की पुलिस और सेंट्रल फोर्स के जवान मौके पर पहुंचे. भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की.
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TMC का आरोप- सुरक्षा बलों ने हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा
तृणमूल नेता सौगत बनर्जी ने इस पूरी घटना के लिए भाजपा और केंद्रीय सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया है. सौगत का आरोप है कि जब झड़प शुरू हुई, तो सेंट्रल फोर्स के जवानों ने केवल तृणमूल कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया. उन पर जमकर लाठियां बरसायीं. हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को गलत और निराधार बताया. भाजपा का कहना है कि तृणमूल समर्थकों ने जान-बूझकर रोड शो में बाधा डालने की कोशिश की.
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इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद आइंस्टीन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. पुलिस और अर्धसैनिक बल फ्लैग मार्च कर रहे हैं, ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो. चुनाव प्रचार के अंतिम दिन हुई इस मारपीट ने 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है. अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बतायी जा रही है, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.
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