[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Rajya ओडिशा Bhubaneswar News: भारत की फिनटेक कहानी सिर्फ तकनीक नहीं, लैंगिक न्याय की भी गाथा है: राष्ट्रपति

Bhubaneswar News: भारत की फिनटेक कहानी सिर्फ तकनीक नहीं, लैंगिक न्याय की भी गाथा है: राष्ट्रपति

0
Bhubaneswar News: भारत की फिनटेक कहानी सिर्फ तकनीक नहीं, लैंगिक न्याय की भी गाथा है: राष्ट्रपति

Bhubaneswar News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को भुवनेश्वर में आयोजित ब्लैक स्वान समिट, इंडिया को संबोधित किया. यह सम्मेलन ओडिशा सरकार और ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया. राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की फिनटेक यात्रा को केवल तकनीकी प्रगति की कहानी के रूप में नहीं, बल्कि लैंगिक न्याय की सफल गाथा के रूप में भी याद किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि फिनटेक ने किसानों, छोटे दुकानदारों और महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है, जहां यह उनके लिए एक तकनीकी शब्द नहीं बल्कि जीवनरेखा बन चुका है.

दूरदराज, आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कौशल का अभाव अब भी चुनौती

राष्ट्रपति ने फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र से महिलाओं को केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि नेता, पेशेवर और उद्यमी के रूप में देखने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक नयी डिजिटल पहल का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाना चाहिए कि वह महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को कितना बढ़ावा देती है. उन्होंने यह भी कहा कि फिनटेक अपने आप में समावेशन की गारंटी नहीं है. विशेष रूप से दूरदराज, आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कौशल का अभाव अब भी एक चुनौती है. ऐसे नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है, तभी तकनीक समावेशन, रोजगार और उद्यमिता का माध्यम बन सकेगी.

डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को स्कूल पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाये

राष्ट्रपति ने उद्यमियों और नवप्रवर्तकों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि तकनीक सामाजिक न्याय और समावेशन का साधन बने. साथ ही उन्होंने डिजिटल धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को स्कूल पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए. उन्होंने साइबर अपराधों से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाये गये कदमों, जैसे इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर, सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग सिस्टम और साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर का उल्लेख किया. राष्ट्रपति ने ओडिशा सरकार द्वारा शुरू की गयी भारतनेत्र पहल की सराहना की, जिसका उद्देश्य डिजिटल, वित्तीय और बीमा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सम्मेलन से निकलने वाले विचार और सहयोग ओडिशा, भारत और विश्व के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel