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Bhubaneswar News: राष्ट्र निर्माण में श्रम शक्ति की भूमिका सर्वोपरि: डॉ मनसुख मांडविया

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Bhubaneswar News: राष्ट्र निर्माण में श्रम शक्ति की भूमिका सर्वोपरि: डॉ मनसुख मांडविया

Bhubaneswar News: भारतीय मजदूर संघ का तीन दिवसीय 21वां त्रैवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन शुक्रवार को पुरी के स्वर्गीय ओम प्रकाश अग्गी सभागार में शुरू हुआ. इसका उद्घाटन केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने किया. उन्होंने कहा कि देश के नवनिर्माण में श्रम शक्ति और युवा शक्ति का योगदान सर्वोपरि है. श्रम शक्ति और युवा शक्ति के सामर्थ्य से ही देश को विकसित राष्ट्र बनाने के स्वप्न को पूर्ण किया जा सकता है.

अधिवेशन से निकलने वाले विचार और सुझावों को सरकार देगी प्राथमिकता

बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री डॉ मांडविय ने कहा कि भारत सामर्थ्य और सशक्त देश रहा है, लेकिन लंबे समय तक यह परतंत्र रहा, इसलिए इसकी चमक क्षीण हुई है. श्रम और युवा शक्ति की बदौलत हम फिर से भारत को सशक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं. भारत एक बार फिर निश्चित चमकेगा. उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ, श्रम और श्रमिकों के हितों की बात करता है. बीएमएस ने श्रम और श्रमिकों के हित में केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव दिये हैं. उन सुझावों पर केंद्र सरकार गंभीरता से विचार कर रही है. इस अधिवेशन से निकलने वाले विचार और सुझाव को भी सरकार प्राथमिकता देगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीएमएस भारत का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन तो है ही, यह संगठन विश्व के सबसे बड़े संगठनों में से एक है.

श्रम कानून श्रमिकों के लिए हितकारी, वेतन और स्वास्थ्य सुरक्षा की देता है गारंटी

डॉ मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार ने श्रम कानून लागू किये हैं और उन्हें इस बात का गर्व है कि भारतीय मजदूर संघ ने इसे स्वीकारा है और श्रमिकों के बीच जन-जागरण चला रहा है. यह संगठन राष्ट्र और श्रमिकों के हितों की पहल करने वाला श्रम संगठन है. यह संगठन सही दिशा में कार्य कर रहा है और केंद्र सरकार सही दिशा में कार्य करने वाले संगठन के साथ है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्रम कानून सभी श्रमिकों के लिए हितकारी है. यह कानून महिला एवं पुरुष के भेदभाव को खत्म करता है, समान काम के समान वेतन और स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी देता है. यह कानून देश के श्रमिकों के उत्थान के लिए आवश्यक है. केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि देश बदल रहा है, नव भारत का निर्माण हो रहा है, श्रमिकों के कल्याण के लिए भारत की सरकार प्रयत्नशील है. निश्चित तौर पर विकास की इस दौड़ में कोई भी पीछे नहीं छूटेगा, सबका विकास होगा.

28 प्रांतों से 2500 प्रतिनिधि अधिवेशन में ले रहे हिस्सा

कार्यक्रम की शुरुआत झंडोत्तोलन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. उद्घाटन सत्र के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य बी भागैया, एफएनआरपी, रूस के अध्यक्ष सेरगेई चेरनोगेव, आइएलओ के प्रतिनिधि मिसिको मियामोटो, भारतीय मजदूर संघ के संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र पांडेय मंच पर मौजूद थे. उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता अखिल भारतीय अध्यक्ष हिरण्मय पांड्या ने की, जबकि संचालन अखिल भारतीय महामंत्री रवींद्र हिमते ने किया. आगत अतिथियों का स्वागत बीएमएस, ओडिशा के प्रांतीय अध्यक्ष बादल महाराणा ने किया. देश के 28 प्रांतों से करीब 2500 प्रतिनिधि इस अधिवेशन में भाग ले रहे हैं. साथ ही अधिवेशन में ब्राजील, रूस, नेपाल, इंडोनेशिया, चीन आदि देशों के श्रमिक प्रतिनिधि भी शामिल हैं. इस अवसर पर सरस्वती शिशु निकेतन, पूरी के छात्रों ने वंदे मातरम् का गान किया.

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