नोवामुंडी के लखन साई-2 आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति बदहाल, टंकी-पंखे लगे पर पानी और बिजली गायब 

Noamundi News: नोवामुंडी के लखन साई-2 आंगनबाड़ी केंद्र का नया भवन बनने के बावजूद बच्चों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें. 

By Sweta Vaidya | June 16, 2026 10:24 AM

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Noamundi News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड का लखन साई-2 आंगनबाड़ी केंद्र, जो डीएमएफटी फंड से नवनिर्मित भवन है. 6 अप्रैल से यहां काम शुरू हुआ था, लेकिन केंद्र आज भी बुनियादी सुविधाओं के गंभीर अभाव से जूझ रहा है. अब तक बच्चों को पानी, बिजली और स्वच्छ वातावरण जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं. 

टंकी लगी, लेकिन पानी की सुविधा नहीं 

बिल्डिंग की छत पर पानी की सिंटेक्स टंकी तो लगा दी गई है, लेकिन उसमें अब तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है. ऐसे में बच्चों के लिए शौचालय इस्तेमाल सहित दैनिक जरूरतें बड़ी समस्या बनी हुई हैं. सेविका और सहायिका को अब भी दूर से पानी लाना पड़ता है, जबकि यह सुविधा केंद्र में अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए थी. 

पंखे और वायरिंग मौजूद, फिर भी बिजली का इंतजार 

इसी तरह बिल्डिंग में पंखे लगा दिए गए हैं और पूरी वायरिंग भी कर दी गई है, लेकिन बिजली कनेक्शन अब तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे भीषण गर्मी में छोटे बच्चे उमस और परेशानी के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं. इसके अलावा बिल्डिंग में निर्माण कार्य से संबंधित कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिसमें लागत और परियोजना की जानकारी दर्ज हो, जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. वहीं लखन साई आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-1 में भी बिजली की व्यवस्था नहीं है, जिससे वहां भी बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. 

बाउंड्री वॉल का अभाव 

सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि आंगनबाड़ी केंद्र का अपना बाउंड्री वॉल नहीं है, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. साथ ही भवन के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर संक्रमण और बीमारी का खतरा बढ़ गया है. इस संबंध में बाल विकास परियोजना की एलएस सपानी माई कुदादा ने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए बिजली विभाग को आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं मिला है. 

स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति प्रखंड कार्यालय के नजदीक स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की है, तो दूर-दराज क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. एक ओर सरकार बच्चों के पोषण और शिक्षा पर जोर देती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत व्यवस्थाओं की कमी को उजागर कर रही है. 

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