Saraikela News: आकार लेने लगा महाप्रभु का ‘नंदीघोष’, 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

Saraikela News: सरायकेला में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की तैयारियां तेज हैं. ओडिशा के कारीगर भगवान के नंदीघोष रथ को अंतिम रूप दे रहे हैं. 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकलेगी. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें...

By AmleshNandan Sinha | July 5, 2026 5:27 PM

प्रताप मिश्रा/धीरज कुमार
Saraikela News: भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा को लेकर सरायकेला में तैयारियां जोरों पर हैं. नगर क्षेत्र में साफ-सफाई के साथ-साथ महाप्रभु के नंदीघोष रथ को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है. ओडिशा से आए कारीगर दिन-रात मेहनत कर रथ को सजा रहे हैं. इस वर्ष रथयात्रा में ओडिसी नृत्य और घंटा पार्टी विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे. श्री श्री जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र महांती उर्फ लिपू महांती ने बताया कि 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ श्रीमंदिर से मौसीबाड़ी के लिए भव्य रथयात्रा पर निकलेंगे. धार्मिक अनुष्ठानों और शोभायात्रा के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा. यात्रा के दौरान गोपबंधु चौक में भगवान का रात्रि विश्राम होगा और 17 जुलाई को वे मौसीबाड़ी पहुंचेंगे.

पिछले साल 20 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ था रथ

समिति के अनुसार, महाप्रभु का नंदीघोष रथ पिछले वर्ष करीब 20 लाख रुपये की लागत से तैयार कराया गया था. रथयात्रा संपन्न होने के बाद इसे सुरक्षित रख दिया गया था. इस वर्ष उसी रथ की मरम्मत और सजावट कर फिर से यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा है.

14 जुलाई को होगा नेत्रोत्सव

रथयात्रा से पहले 14 जुलाई को जगन्नाथ मंदिर में भगवान का नेत्रोत्सव अनुष्ठान आयोजित होगा. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. 15 जुलाई को भगवान विश्राम करेंगे और अगले दिन भव्य रथयात्रा के साथ मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे.

24 जुलाई को निकलेगी बाहुड़ा रथयात्रा

समिति के अध्यक्ष ने बताया कि सात दिनों तक मौसीबाड़ी में प्रवास के बाद 24 जुलाई को भगवान की बाहुड़ा रथयात्रा निकलेगी. वापसी यात्रा के दौरान कालूराम चौक में भगवान का रात्रि विश्राम होगा. 25 जुलाई को भगवान पुनः श्रीमंदिर पहुंचेंगे, जहां विधि-विधान के साथ रथयात्रा का समापन होगा.

ओडिसी नृत्य और घंटा पार्टी होंगे आकर्षण

इस वर्ष रथयात्रा को जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर भव्य स्वरूप देने की तैयारी की गई है. भगवान के रथ के आगे घंटा पार्टी पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ चलेगी, जबकि ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगी. समिति ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी महिला और पुरुष दोनों को भगवान का रथ खींचने का अवसर मिलेगा. श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर रथयात्रा में भाग लेने की अपील की गई है.

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