बकरीद पर ईदगाहों और मस्जिदों में अदा की गयी नमाज

कुर्बानी, बलिदान और त्याग के प्रतीक बकरीद का त्योहार सोमवार को मनाया गया. ईदगाह और मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गयी.

By Prabhat Khabar News Desk | June 18, 2024 12:31 AM

रांची. कुर्बानी, बलिदान और त्याग के प्रतीक बकरीद का त्योहार सोमवार को मनाया गया. ईदगाह और मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गयी. नमाज सुबह 5:20 बजे से ही शुरू हो गयी थी. हरमू रोड स्थित रांची ईदगाह में बकरीद पर संदेश देते हुए मौलाना डॉ असगर मिसबाही ने कहा कि यदि कुर्बानी देनी है, तो दहेज की कुर्बानी कीजिए़ ना हम दहेज लेंगे और ना देंगे. क्योंकि इससे समाज के सामने एक अलग समस्या खड़ी हो गयी है. कई लड़कियों का विवाह नहीं हो पा रहा, जो समाज के लिए सही संदेश नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सबसे बड़ी इबादत है इंसान के लिए काम आना. इससे बड़ी इबादत और कुछ भी नहीं हो सकती. अल्लाह को कुर्बानी पसंद है. यह कुर्बानी तीन दिन की होती है, ना कि चार दिन की. कुछ लोग चार दिन की कुर्बानी करने लगे हैं, जो गलत है. मौलाना डॉ असगर मिसबाही ने सुबह 9:05 बजे बकरीद की नमाज अदा करायी. इसके बाद खुतबा हुआ. सबकी सलामती के लिए दुआ की गयी. फिर लोगों ने एक-दूसरे को बकरीद की बधाई दी.

सुबह से ही पुलिस बलों की तैनाती

मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास सुबह से ही पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी थी, ताकि नमाजियों को कोई परेशानी न हो. खास बात है कि ईदगाह के अंदर ही नमाजियों की भीड़ रहने के कारण ट्रैफिक पुलिस को ज्यादा परेशानी नहीं हुई. जगह-जगह पर दंडाधिकारी की भी तैनाती की गयी थी. थाना प्रभारी भी अपने इलाकों में गश्त करते दिखे.

कर्बला चौक के पास लगाये गये झूले

बकरीद के अवसर पर कर्बला चौक के पास बच्चों के लिए झूले लगाये गये, जिसका सभी ने खूब आनंद लिया. साथ ही खाने-पीने के स्टॉल पर भी भीड़ लगी रही. लोगों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद चखा. इससे पहले खस्सी की दुकानों पर भीड़ लगी रही. इधर, दिनभर घरों में मेहमानों का आना-जाना लगा रहा. सभी ने एक-दूसरे को बकरीद की बधाई दी. घरों में बने व्यंजनों का स्वाद चखा. मेहमानों को स्वादिष्ट व्यंजन पुलाव, बिरयानी, खस्सी, दहीबाड़ा और मिठाई आदि

परोसे गये.

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