Ranchi news : घर-घर में शिक्षा का दीप जलाना प्राथमिकता : कारी अंसारुल्लाह

बच्चों और बड़ों को शिक्षित करना है और सबको कुरान की शिक्षा से जोड़ना है. शिक्षा ग्रहण करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती.

By Raj Kumar | September 18, 2025 9:07 PM

रांची. “हमें घर-घर शिक्षा का दीप जलाना है. बच्चों और बड़ों को शिक्षित करना है और सबको कुरान की शिक्षा से जोड़ना है. शिक्षा ग्रहण करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती. यह बातें शहर काजी और मदीना मस्जिद हिंदपीढ़ी के इमाम व खतीब हजरत मौलाना कारी अंसारुल्लाह कासमी ने कही. वे जामिया उम्मे हबीबा लिलबानात, कांके-नगड़ी द्वारा नगड़ी जामा मस्जिद में आयोजित जलसा सीरतुन्नबी को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि घरों का माहौल धार्मिक होना चाहिए. रिश्ते-नाते शरीयत और सुन्नत के अनुसार निभाने चाहिए. बच्चों और युवाओं की शिक्षा-दीक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. जामिया उम्मे हबीबा लिलबानात लड़कियों की शिक्षा को लेकर सतत प्रयासरत है और इसे और मजबूत करने की आवश्यकता है. मौलाना मुकर्रम, उप निदेशक मदरसा आलिया कांके ने पैगंबर हजरत मुहम्मद मुस्तफा के जीवन के विभिन्न पहलुओं और घटनाओं को साझा किया. उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म जन्म से लेकर मृत्यु तक, जीवन के हर पड़ाव पर मार्गदर्शन करता है. जलसा का संचालन मौलाना शफीउल्लाह कासमी ने किया. कार्यक्रम के आयोजक और जामिया उम्मे हबीबा लिलबानात के निदेशक हजरत मौलाना कारी रमजान रशीदी ने उलेमा और अन्य अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया. बैठक में कारी रमजान रशीदी, कारी इनामुल हक, हाफिज हारून रशीद, मौलाना शफीउल्लाह कासमी, मुफ्ती अतीकुर्रहमान कासमी, हाफिज इम्तियाज, हाफिज अजीज, समाजसेवी ऐनुल हक अंसारी, जमील अंसारी, हाजी रफीक, हसीब अंसारी, हाफिज अब्दुल हसीब, मौलाना मुजफ्फर, मौलाना महमूद, अताउल्लाह रहबर, आबिद हुसैन, जमील अख्तर, मौलाना नूरुल्लाह कासमी और पत्रकार आदिल रशीद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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