पाकुड़ में महिला को अर्धनग्न कर गांव में घुमाने के मामले में 5 नामजद, आरोपियों की तलाश में पुलिस
Pakur Woman Humiliation Case: पाकुड़ में महिला के साथ सार्वजनिक रूप से अमानवीय व्यवहार के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है. एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
पाकुड़ से रमेश भगत की रिपोर्ट
Pakur Woman Humiliation Case: पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र की जड़ाकी पंचायत अंतर्गत बूढ़ीड़ूबा गांव में एक विवाहित महिला को अर्धनग्न कर गांव में घुमाने और उसके कथित प्रेमी के साथ मारपीट करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. पीड़िता के बयान पर अमड़ापाड़ा थाना में कांड संख्या 49/2026 दर्ज किया गया है. मामले में महिला के पति सहित 5 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
एसडीपीओ ने क्या कहा?
एसडीपीओ विजय कुमार ने कहा कि घटना बेहद गंभीर और निंदनीय है. किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती. घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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पति का घर छोड़ प्रेमी के साथ दिल्ली चली गई थी महिला
मिली जानकारी के अनुसार, महिला की शादी करीब 15 वर्ष पहले हुई थी और उसके तीन बच्चे हैं. पिछले कुछ महीनों से उसका संपर्क साहिबगंज जिले के बोरियो थाना क्षेत्र के सवईया गांव निवासी हंजय टुडू से था, जो पहले से विवाहित है. बताया गया कि महिला अप्रैल में अपने पति का घर छोड़कर मायके अम्बाजोड़ा चली गई थी और 18 मई को हंजय के साथ दिल्ली चली गई थी. 26 जून की रात दोनों के गांव लौटने की जानकारी मिलने पर महिला के पति ने कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर दोनों को पकड़ लिया. आरोप है कि दोनों के साथ मारपीट की गई. महिला के कपड़े फाड़कर उसे अर्धनग्न अवस्था में गांव में घुमाया गया, जबकि युवक को भी सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया. बाद में दोनों को ग्राम प्रधान के घर ले जाकर पंचायत के नाम पर बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया.
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस
28 जून को वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी मिली. पुलिस गांव पहुंची, लेकिन भारी भीड़ और ग्रामीणों के विरोध के कारण तत्काल दोनों को नहीं निकाल सकी. पुलिस ने गांव में कैंप किया और अगले दिन रणनीति बनाकर दोनों को सकुशल मुक्त कराया. मेडिकल जांच के बाद पीड़िता का बयान दर्ज किया गया, जिसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.
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