झारखंड में सरकारी स्कूलों की छात्राओं को नवंबर से मिलेगा मुफ्त सेनेटरी पैड, खुलेंगे 100 नए उत्कृष्ट विद्यालय

Jharkhand Government School: झारखंड में 13 हजार सरकारी स्कूलों की करीब 8.50 लाख छात्राओं को नवंबर से नि:शुल्क सेनेटरी पैड मिलेगा. साथ ही अगले वर्ष 100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय शुरू होंगे. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

By Priya Gupta | June 26, 2026 9:14 AM

सुनील कुमार झा की रिपोर्ट 

Jharkhand Government School: स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की दो महत्वाकांक्षी योजना को गुरुवार को योजना प्राधिकर की स्वीकृति मिल गई. विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूली छात्राओं को सेनेटरी पैड और 100 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय खोलने को स्वीकृति दी गई. झारखंड में फिलहाल 80 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय का संचालन किया जा रहा है. छात्राओं के सैनेटरी पैड वितरण पर 124 करोड़ और एक सौ मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय पर 721 करोड़ रुपये खर्च होंगे. दोनों योजना मिलाकर 845 करोड़ रुपये खर्च होंगे. छात्राओं के सेनेटरी पैड इस वर्ष नवंबर से मिलेगा. 

पहले लौटा था प्रस्ताव, दोबारा भेजने पर मिली मंजूरी 

स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा पिछले वर्ष छात्राओं को सेनेटरी पैड वितरण की योजना बनाई गई थी. योजना प्राधिकार समिति ने प्रस्ताव को वापस कर दिया था. इसके बाद विभाग द्वारा फिर से प्रस्ताव योजना प्राधिकार को भेजा गया था. बैठक में विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

जानिए दोनों योजना के बारे में

छात्राओं को सेनेटरी पैड वितरण

  • सरकारी स्कूलों में कक्षा छह से 12वीं तक की छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड दिया जाएगा.
  • योजना का लाभ राज्य के करीब 13 हजार सरकारी विद्यालयों की छात्राओं को मिलेगा.
  • सरकारी स्कूलों में लगभग 12 लाख छात्राएं नामांकित हैं.
  • औसत दैनिक उपस्थिति के आधार पर शुरुआती चरण में करीब 8.50 लाख छात्राओं को लाभ मिलेगा.
  • प्रत्येक छात्रा को प्रति माह 10 सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाएंगे. 
  • छात्राओं को नवंबर से नि:शुल्क सेनेटरी पैड मिलेगा.

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय योजना 

  • झारखंड में 100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय खोले जाएंगे. 
  • सभी विद्यालयों को सीबीएसई से मान्यता दिलाई जाएगी. 
  • 100 विद्यालयों में 59 प्रखंड स्तरीय और 41 पंचायत स्तरीय विद्यालय शामिल हैं. इसमें से करीब 400 करोड़ रुपये सिविल वर्क और आधारभूत संरचना के विकास पर खर्च होंगे.
  • पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने पर मल्टीपरपज हॉल का निर्माण किया जाएगा.
  • स्कूलों में आइसीटी लैब, आधुनिक लैंग्वेज लैब स्थापित की जाएगी. 
  • भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के लिए अलग-अलग प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी.
  • विद्यालय में आउटडोर और इनडोर खेल की सुविधा विकसित की जाएगी. 

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