सरकारी स्कूलों की 12 लाख छात्राओं को फ्री में मिलेगा सेनेटरी पैड, तैयारी में हेमंत सोरेन सरकार

Free Sanitary Pad: हेमंत सोरेन सरकार सरकारी स्कूलों की 12 से 13 लाख छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड देने की योजना बना रही है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बजट प्रावधान और वितरण व्यवस्था पर काम शुरू हो गया है. योजना अगले शैक्षणिक सत्र से लागू हो सकती है. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

By KumarVishwat Sen | February 10, 2026 8:29 AM

रांची से सुनील झा की रिपोर्ट

Free Sanitary Pad: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड देने की तैयारी कर रही है. इस योजना से राज्य की लगभग 12 से 13 लाख छात्राओं को लाभ मिलने की संभावना है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिये हैं. इसके लिए नयी योजना लाने के साथ बजट में राशि का प्रावधान करने की प्रक्रिया जारी है.

स्कूली शिक्षा और वित्त विभाग में अधिकारियों की चर्चा

इसे लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा वित्त विभाग के अधिकारियों के बीच चर्चा हुई है. जिसमें सेनेटरी पैड की खरीदारी, वितरण व्यवस्था, गुणवत्ता और अन्य आवश्यक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया. सरकार सेनेटरी पैड वितरण कार्यक्रम के लिए यूनिसेफ से सहयोग लेने पर भी विचार कर रही है. यूनिसेफ पहले से ही माहवारी स्वच्छता को लेकर कार्यक्रम संचालित करता है, जिसका लाभ इस योजना को प्रभावी बनाने में लिया जा सकता है. इसके साथ ही, देश के अन्य राज्यों के स्कूलों में सेनेटरी पैड वितरण की व्यवस्था और कार्यप्रणाली की जानकारी भी जुटायी जा रही है. जिससे कि राज्य में इसे बेहतर ढंग से लागू किया जा सके. योजना को अगले शैक्षणिक सत्र से लागू करने की तैयारी है. कक्षा छह से 12वीं तक की छात्राओं को प्रतिमाह पांच से छह पैड दिये जा सकते हैं.

फिलहाल सिर्फ कस्तूरबा में मिल रहा सैनिटरी पैड

झारखंड के सरकारी स्कूलों में फिलहाल छात्राओं को सेनेटरी पैड देने की कोई व्यापक योजना संचालित नहीं है. केवल राज्य के 203 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं को यह सुविधा दी जाती है. इसके अलावा अन्य सरकारी स्कूलों में सेनेटरी पैड वितरण की कोई उचित व्यवस्था नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट दे चुका है आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि वह अपने स्कूलों में छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड दिलायें. साथ ही, राज्यों से तीन महीने में इस संबंध में किये गये कार्यों की रिपोर्ट भी मांगी है. राज्यों को इस संबंध में किये गये कार्य की जानकारी देनी होगी.

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इस पहल से मिलेंगे कई लाभ

  • किशोरियों की स्वास्थ्य व स्वच्छता में सुधार.
  • मासिक धर्म के दौरान संक्रमण का खतरा कम होता है.
  • पीरियड्स के कारण स्कूल से अनुपस्थिति घटती है.
  • ड्रॉप-आउट रेट कम करने में मदद मिलती है.
  • आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं को सहायता मिलती है.
  • किशोरियों में मासिक धर्म जागरूकता बढ़ती है.

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