झारखंड के 12 जिलों पर सूखे का साया, अब तक हुई 54% कम बारिश
Jharkhand Drought Situation : झारखंड में कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए सरकार ने आकस्मिक फसल योजना तैयार की है. सभी जिलों के कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि धान की खेती प्रभावित होने पर किसानों को वैकल्पिक अनाजों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए.
Jharkhand Drought Situation : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने आनेवाले दिनों में ‘अलनीनो’ के मजबूत होने के संकेत दिए हैं. विभाग ने कहा है कि देश के लगभग 197 जिलों में अलनीनो का प्रभाव पड़ने की आशंका है. इनमें झारखंड के भी 12 जिले शामिल हैं. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, झारखंड में अब तक सामान्य से 54% कम बारिश हुई है. सबसे खराब स्थिति पलामू प्रमंडल वाले जिलों की है. गढ़वा में सामान्य से 93, चतरा में 78 और पलामू में 80% कम बारिश हुई है. वहीं, राज्य में 30 जून तक मात्र 86.5 मिमी ही बारिश हो पाई है. जबकि, इस अवधि के दौरान कम से कम 190 मिमी बारिश होनी चाहिए थी. राज्य के सभी जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है.
कम वर्षा में वैकल्पिक फसलों पर जोर
इधर हालात को भांपते हुए झारखंड सरकार ने भी ‘आकस्मिक फसल योजना’ तैयार कर ली है. सभी जिलों के कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह इसकी तैयारी रखें कि कम वर्षा के अभाव में अगर धान की खेती नहीं हो पाती है, तो किसानों को कौन-कौन से अनाजों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है.
प्रशांत महासागर में विकसित हो चुकी अलनीनो
रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ अभिषेक आनंद ने बताया कि जून 2026 के ‘अलनीनो बुलेटिन’ के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अलनीनो की स्थिति विकसित हो चुकी है. दक्षिण-पश्चिम माॅनसून के दौरान इसके और मजबूत होने की संभावना है. मई 2026 में मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया. अप्रैल की तुलना में मई में तापमान में और वृद्धि हुई. दूसरी ओर, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के अधिकांश हिस्सों में भी समुद्री सतह का तापमान सामान्य से ऊपर रहा. रिपोर्ट बताती है कि समुद्र के भीतर भी पश्चिमी और पूर्वी प्रशांत में तापमान में असामान्य उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है. इससे अलनीनो के और मजबूत होने के संकेत हैं.
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कृषि निदेशक बिदयानन्द शर्मा पंकज ने कहा
पिछले सप्ताह भारत सरकार ने भी खरीफ को लेकर हर स्थिति के लिए तैयार रहने का आग्रह किया है. इससे पहले ही राज्य सरकार ने हर जिले के लिए आकस्मिक फसल योजना भी बना ली है. मोटा अनाज, दलहन और तेलहन का बीज भी नेशनल सीड कॉरपोरेशन के पास सुरक्षित रखवा लिया है. हम लोग 15 जुलाई तक इंतजार करेंगे.
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