जामताड़ा: आंगनबाड़ी सेविका चयन में गड़बड़ी का आरोप, ग्रामीणों ने BDO को सौंपा शिकायत पत्र

Anganwadi Sevika Selection Controversy: जामताड़ा के चैनपुर गांव में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों ने बीडीओ को पत्र सौंपकर चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

By Sweta Vaidya | June 25, 2026 12:02 PM

जामताड़ा से निकेश कुमार की रिपोर्ट

Anganwadi Sevika Selection Controversy: झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र के चैनपुर गांव में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र सौंपा है. शिकायतकर्ताओं ने चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है. 

नियमों की अनदेखी का आरोप 

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि 24 जून 2026 को आयोजित आमसभा के दौरान आंगनबाड़ी सेविका के चयन में नियमों की अनदेखी की गई. आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पात्र अभ्यर्थियों की उपेक्षा कर पक्षपातपूर्ण तरीके से निर्णय लिया गया.शिकायतकर्ताओं का कहना है कि चयनित अभ्यर्थी को लेकर गांव में असंतोष है तथा चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं. 

मानकों और प्रतिनिधित्व की अनदेखी का दावा

आवेदन में ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया है कि चयन के दौरान निर्धारित मानकों एवं सामाजिक प्रतिनिधित्व से जुड़े प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया गया. इसके कारण ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है. ग्रामीणों ने बीडीओ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर चयन प्रक्रिया को रद्द करते हुए फिर से आमसभा आयोजित कराने और दोषियों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने की मांग की है. शिकायत पत्र पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान दर्ज हैं. इस संबंध में प्रखंड प्रशासन का कहना है कि प्राप्त शिकायत की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. 

यह भी पढ़ें: एसिड अटैक पीड़ित को मिलेगा 15 लाख का मुआवजा, झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया आदेश

यह भी पढ़ें: धनबाद भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला मामले में आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने मांगा बिंदुवार जवाब

यह भी पढ़ें: लखनऊ हादसे के बाद धनबाद में शैक्षणिक संस्थानों पर शिकंजा, सुरक्षा जांच में तीन संस्थानों को नोटिस