गढ़वा: दानरो नदी में कचरा डंप करने पर सख्त हुए डीसी, दिए निर्देश

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले की दानरो नदी में कचरा डंप किए जाने पर डीसी पशुपतिनाथ मिश्रा ने कड़ी नाराजगी जताई है. डीसी ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिए हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें. 

By Sweta Vaidya | June 13, 2026 9:37 AM

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट

Garhwa News: गढ़वा शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली दानरो नदी की बदहाली को लेकर उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं. पिछले दिनों जब उपायुक्त खुद दानरो नदी का निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए. शहर का सारा कचरा नदी के आंचल में उड़ेला जा रहा था, जिसे उपायुक्त ने दुखद और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ बताया. 

निरीक्षण में ये बात आई सामने

निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि दानरो नदी पुल से लेकर छठ घाट बाईपास सरवस्तीया नदी के किनारे (दोनों नदियों के संगम स्थल से उत्तर की ओर) मुक्तिधाम के पास शहर का अधिकांश कूड़ा-कचरा लाकर डंप किया जा रहा है. पवित्र छठ घाट और मुक्तिधाम जैसे संवेदनशील स्थान के पास इस तरह गंदगी का अंबार देखकर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी जाहिर की. हैरानी की बात यह है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नदियों और नदी-नालों को सुरक्षित रखने के लिए उनमें कचरा फेंकने पर सख्त प्रतिबंध लगा रखा है. इसके बावजूद, खुद नगर परिषद गढ़वा द्वारा नदी के किनारे कचरा डंप किया जा रहा था. 

नगर परिषद को दिए सख्त निर्देश 

उपायुक्त ने साफ कहा कि यह लापरवाही नदियों के अस्तित्व और इसके किनारे बसे आम लोगों और पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि नगर परिषद क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े-कचरे को नदी के पास फेंकना तुरंत बंद करें. कचरे को सही तरीके से निपटान के लिए किसी वैकल्पिक और उचित जगह का चयन किया जाए. जरूरत के अनुसार, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत निर्माणाधीन स्थल पर बने डंपिंग यार्ड में ही सारा कचरा डंप किया जाए और आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम से इसका निपटारा हो. 

डीसी ने की अपील

उपायुक्त ने पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि नदियां हमारे प्राकृतिक जल चक्र को संतुलित रखती हैं. नदियों की स्वच्छता का सीधा संबंध हमारे और हमारी आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य से है. उन्होंने अपील की कि नदियों को साफ-सुथरा रखना सिर्फ सरकारी महकमे की नहीं, बल्कि समाज के हर एक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है.

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