रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमले की रघुवर दास ने की निंदा, घटना को बताया राष्ट्रवाद पर हमला

Ranchi RSS Office Attack: रांची स्थित आरएसएस के प्रदेश कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमले की पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और एसआईटी गठन की मांग की है. रघुवर दास ने डीजीपी तदाशा मिश्र से बातचीत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

By KumarVishwat Sen | June 17, 2026 5:56 PM

जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट

Ranchi RSS Office Attack: झारखंड की राजधानी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रदेश कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमले की पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने कहा कि यह घटना केवल आरएसएस कार्यालय पर हमला नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद पर हमला है. उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण जिहादी तत्वों को बढ़ावा मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं.

बड़ी दुर्घटना टलने का दावा

रघुवर दास ने कहा कि इस हमले में जान-माल की भारी क्षति हो सकती थी, लेकिन पेट्रोल बम के नहीं फटने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई. उन्होंने कहा कि घटना के बाद आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों के बीच भी भय और दहशत का माहौल है. पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है.

बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर सरकार पर साधा निशाना

रघुवर दास ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कार्रवाई के बाद ऐसे लोग झारखंड में शरण ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब भाजपा बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाती है, तो उसका उद्देश्य राष्ट्र और राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है. वहीं, झामुमो, कांग्रेस और राजद पर उन्होंने वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित होकर इस मुद्दे पर मौन रहने का आरोप लगाया.

दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से मांग की कि इस घटना में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाए. उन्होंने कहा कि जिहादी मानसिकता वाले दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर साजिश के सभी पहलुओं को सामने लाया जाना चाहिए.

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भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की अपील

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई होने से असामाजिक तत्वों के बीच कानून का भय पैदा होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे भविष्य में किसी सामाजिक संगठन या राजनीतिक दल के कार्यालयों और उनके कार्यकर्ताओं पर हमले की घटनाओं को रोका जा सकेगा.

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