जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे बच्चे, बंदगांव के ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

West Singhbhum News: बंदगांव के लगोरा नव प्राथमिक विद्यालय में 45 बच्चे जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं. पेयजल, शौचालय और शिक्षकों की कमी से नाराज ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग की है. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

By AmleshNandan Sinha | July 5, 2026 7:38 PM

अनिल तिवारी
West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड की सावनिया पंचायत स्थित नव प्राथमिक विद्यालय, लगोरा की बदहाल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. दीवारों और छत में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं. बावजूद इसके करीब 45 बच्चे इसी भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते भवन की मरम्मत या नए भवन का निर्माण नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

एक शिक्षक के भरोसे चल रही पढ़ाई

विद्यालय में 45 से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई केवल एक पारा शिक्षक के भरोसे संचालित हो रही है. पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कम से कम दो शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक है.

पेयजल, शौचालय और रसोईघर की स्थिति भी बदहाल

विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. परिसर में लगी जलमीनार पिछले चार वर्षों से खराब पड़ी है, जिससे पेयजल संकट बना हुआ है. दोपहर का भोजन करने के बाद बच्चों को हाथ धोने के लिए करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित लगोरा नदी तक जाना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में शौचालय की सुविधा नहीं होने से छात्र-छात्राओं को खुले में जाना पड़ता है. वहीं मध्याह्न भोजन (एमडीएम) बनाने का रसोईघर भी जर्जर स्थिति में है, जिससे स्वच्छता और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

स्कूल का जर्जर भवन

ग्रामीणों ने बैठक कर जताई नाराजगी

विद्यालय की समस्याओं को लेकर रविवार को ग्रामीणों की बैठक हुई. बैठक में शिक्षा विभाग और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की गई. ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय भवन की तत्काल जांच कर मरम्मत कराई जाए या नया भवन बनाया जाए. साथ ही पेयजल, शौचालय, सुरक्षित रसोईघर, चहारदीवारी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. बैठक में बसुदेव मुंडरी, विष्णु मुंडरी, नमन मुंडरी, शिकंदर मुंडरी, एतवा मुंडरी, बुधराम मुंडरी, गोपाल मुंडरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

समाजसेवी लाक्षुराम मुंडरी ने कहा कि विद्यालय का भवन कभी भी गिर सकता है. यहां 45 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं. पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी और सुरक्षित रसोईघर जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है. उन्होंने सरकार से तत्काल नए भवन का निर्माण, शिक्षकों की नियुक्ति और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की. ग्रामीण शिकंदर मुंडरी ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा विभाग जल्द ठोस कदम नहीं उठाता है तो ग्रामीण व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

विभाग ने कार्रवाई का दिया भरोसा

प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीपीओ) काली प्रसाद गुप्ता ने बताया कि विद्यालय की समस्याओं की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. विभाग स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. उन्होंने कहा कि भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए फिलहाल बच्चों की पढ़ाई वैकल्पिक स्थान पर कराई जा रही है.

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