प्रमोद मिश्रा
West Singhbhum (आनंदपुर): प्रखंड मुख्यालय आनंदपुर से समीज को जोड़ने वाली 13 किमी मुख्य सड़क इस वक्त बदहाल है. सड़क की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के लिए इस पर सफर करना काफी मुश्किल हो गया है. यह सड़क न केवल आनंदपुर और मनोहरपुर प्रखंड के लोगों को जिला मुख्यालय चाईबासा और अनुमंडल मुख्यालय चक्रधरपुर से जोड़ती है, बल्कि ओडिशा, जमशेदपुर और चक्रधरपुर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी एक प्रमुख लाइफलाइन है. प्रतिदिन इस मार्ग से सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियां और यात्री बसें गुजरती हैं. जगह-जगह उभरे गहरे गड्ढे और उखड़ी हुई पिच के कारण चालकों को काफी परेशानी हो रही है. दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक तो अपनी जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर हैं.
बनने के साथ ही उखड़ने लगी थी सड़क
समीज से आनंदपुर वाया गुड़गांव और वाया बाघचट्टा 13 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत साल 2020 में शुरू किया गया था. निर्माण कार्य की शुरुआत से ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे. घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आलम यह था कि एक तरफ संवेदक सड़क की पिचिंग कर रहा था, तो दूसरी तरफ से सड़क उखड़ती जा रही थी. स्थानीय ग्रामीणों के विरोध और शिकायतों के बाद तत्कालीन सांसद और अनुमंडल पदाधिकारी ने खुद मौके पर पहुंचकर सड़क की जांच की थी. जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर अधिकारियों ने संवेदक और विभागीय अभियंता को जमकर फटकार भी लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ.
क्या कहना है ग्रामीणों का
ग्रामीण मनोज दास ने कहा कि जब सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, तो हम सब बहुत खुश थे कि अब सफर आसान होगा. लेकिन पूरी सड़क बनने में ही 4 साल लग गए. सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि एक तरफ सड़क बन रही थी, तो दूसरी ओर से वह टूटती जा रही थी. यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की बर्बादी है. एक और ग्रामीण कृष्णा समद का कहना है कि यह सड़क हमारे लिए जिला और अनुमंडल मुख्यालय जाने का मुख्य जरिया है. रोजाना यहां से गाड़ियां गुजरती हैं. जर्जर सड़क के कारण कभी भी दुर्घटना हो सकती है. जनप्रतिनिधियों को इसपर ध्यान देना चाहिए.
दूसरे गांव के लोगों को भी हो रही परेशानी
बाघचट्टा के ग्राम मुंडा दिलीप मरांडी ने कहा कि सड़क का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह संपन्न भी नहीं हुआ था, उससे पहले ही कई जगहों पर मरम्मत की नौबत आ गई थी. घटिया निर्माण कार्य के कारण ही आज सड़क का यह हाल हुआ है. गुड़गांव के ग्रामीण लोचन नायक ने कहा कि सड़क के जर्जर होने से समीज, गुड़गांव, बाघचट्टा और पहाड़डीहा के ग्रामीणों को अपने ही प्रखंड और पंचायत मुख्यालय जाने में भारी किल्लत हो रही है. अब यह एक मुख्य बाईपास मार्ग बन चुका है, इसलिए सरकार को चाहिए कि यहां जल्द से जल्द एक मजबूत और चौड़ी सड़क का दोबारा निर्माण कराए.
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