सीटीपीएस के ऐश पौंड से छाई की ढुलाई करने वाली दो कंपनियों ने पूर्व में काम बंद किया था, तीसरी कंपनी मे. पीएमपी ने भी रविवार से काम बंद कर दिया. भंडारीदह में लगातार कंपनियों के वाहनों के चक्कों से हवा निकाल दिये जाने के बाद कंपनियों ने यह निर्णय लिया. छाई की ढुलाई बंद होने से फिर डीवीसी चंद्रपुरा प्रबंधन की परेशानी बढ़ गयी है. कंपनी का कहना है कि कुछ दिन पहले ही उसने छाई उठाने का काम शुरू किया, मगर इसमें किसी का भी सहयोग नहीं मिल रहा है. लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नियमों के तहत चल रहे हाइवा के चक्कों से हवा निकाल दी जा रही है.
मालूम हो कि सारण और जीडीएनएस कंपनी ने 15 फरवरी से छाई ढुलाई का काम बंद कर दिया था. पिछले सात महीनों से लगातार काम बंद रहने और एक माह पहले काम चालू होने के बाद फिर से काम बंद हो जाने से प्रबंधन परेशान है. रनिंग प्लांट से उत्पादन बंद होने का खतरा बढ़ गया है. चंद्रपुरा में बनने वाले नये सुपर क्रिटिकल प्लांट पर भी इसका असर पड़ सकता है. उल्लेखनीय है कि बेरमो हाइवा एसोसिएशन के आंदोलन की वजह से छाई का उठाव करीब छह महीने तक बंद रहा था. डीवीसी के नये टेंडर के बाद जनवरी महीने में काम शुरू हुआ, मगर लगातार इसमें बाधा आ रही है. इधर, हाइवा एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलेश्वर महतो ने बताया कि कंपनी के साथ रेट को लेकर जो बात हुई थी, वह उससे मुकर रही है. सीटीपीएस के एचओपी आरके अनुभवी ने कहा कि कंपनियों को काम मिला है, तो उसे करना ही होगा. कंपनियों से इस पर बात करेंगे. छाई ढ़ुलाई नहीं होने पर यूनिट से उत्पादन बंद करने की नौबत आ जायेगी.