[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home पश्चिम-बंगाल आसनसोल बीएमएस किसी सरकार का बंधुआ मजदूर नहीं, सरकार अपना कार्य करती है और यूनियन अपना : जयनाथ चौबे

बीएमएस किसी सरकार का बंधुआ मजदूर नहीं, सरकार अपना कार्य करती है और यूनियन अपना : जयनाथ चौबे

0
बीएमएस किसी सरकार का बंधुआ मजदूर नहीं, सरकार अपना कार्य करती है और यूनियन अपना : जयनाथ चौबे

बीएमएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जयनाथ चौबे ने कहा- राष्ट्र, उद्योग और मजदूर हितों की रक्षा करना बीएमएस की प्रतिबद्धता

आसनसोल. भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जयनाथ चौबे ने कहा कि यूनियन किसी सरकार की बंधुआ मजदूर नहीं है, सरकार अपना कार्य करेगी और यूनियन अपना कार्य करेगी. राष्ट्र, उद्योग और मजदूर हितों की हर कदम पर रक्षा करना यूनियन की प्रतिबद्धता है. बीएमएस किसी सरकार की कृपा से नहीं बनी और ना ही सरकार की कृपा से चलती है. सरकार किसी की भी हो, यदि श्रमिक हित में कार्य करेगी तो यूनियन उसका सम्मान करेगी, अन्यथा विरोध. 25 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आंदोलन को लेकर जिला में चल रही तैयारियों को लेकर समीक्षा के दौरान उक्त बातें श्री चौबे ने कही. उन्होंने कहा कि छह से आठ फरवरी तक पुरी (ओडिशा) में आयोजित यूनियन की 21वें त्रिवार्षिक अधिवेशन के दौरान लिए गये प्रस्तावों के आधार पर आठ सूत्री मांगों को लेकर डीएम कार्यालय के समक्ष 25 फरवरी को प्रदर्शन किया जायेगा और डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री व केंद्रीय श्रम तथा रोजगार मंत्री को ज्ञापन भेजा जायेगा.

क्या है आठ सूत्री मांग, जिसे लेकर देशभर में होगा प्रदर्शन

चौबे ने कहा कि सभी सेक्टर के सभी श्रमिकों के लिए श्रम कानूनों को बिना किसी छूट के, अंत्योदय की सच्ची भावना के साथ, एकसाथ लागू करना. इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020 और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020 को श्रमिक हित मे संशोधन करना. इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस को अविलंब आहूत किया जाए और अलग-अलग त्रिपक्षीय कमेटियों को फिर से बनाएं ताकि श्रमिक के भलाई को लेकर प्रभावी, असरदार व व्यवहारिक रूप से कार्य सुनिश्चित हो सके. एपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन एक हजार रुपये से बढ़कर साढ़े सात हजार रुपये करना. इपीएफ में अनिवार्य अंशदान के लिए वर्तमान वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करना. इएसआइ के तहत कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा 21 हजार रुपये से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करना. बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत बोनस की पात्रता हेतु कैलकुलेशन की वर्तमान सीलिंग सात हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये करना. संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 कि मूल भावना के अनुसार स्कीम वर्कर और ठेका श्रमिकों को स्थायी करना. आम भर्ती पर लगी रोक को तुरंत हटाना और नौकरियों के बिना किसी अनिश्चितता या असुरक्षा के गारंटीड रोजगार का भरोसा देना, मांगों में शामिल हैं.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel