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Home झारखण्ड बोकारो Bokaro News : नाटक ने किया भाई-भतीजावाद पर प्रहार

Bokaro News : नाटक ने किया भाई-भतीजावाद पर प्रहार

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Bokaro News : नाटक ने किया भाई-भतीजावाद पर प्रहार

सांस्कृतिक संस्था धरोहर की ओर से शनिवार की रात को वेलफेयर सेंटर में सैयां भये कोतवाल नाटक का मंचन किया गया. संजय कुमार के निर्देशन में हास्य-व्यंग्य से भरे इस नाटक के माध्यम से भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर करारा प्रहार किया गया. दिखाया गया कि भाई-भतीजावाद की नीति अपनाकर कोई भी लंबे समय तक अपने पांव नहीं जमा सकता. व्यवस्था में भ्रष्टाचार के जरिये पांव जमाने वाले लोग जब फंसते हैं तो कोई भी उनका सहारा नहीं बनता. नाटक की कहानी एक मूर्ख राजा, चालाक कोतवाल और भ्रष्ट दरबारियों के आसपास घूमती है. तमाशा शैली में मंचित नाटक में सूर्यपुर नगर की कहानी दिखायी गयी, जिसमें मूर्ख राजा रणधीरा के कोतवाल के मरने के बाद सभी को नये कोतवाल की चिंता सताने लग जाती है. इसका फायदा प्रधान उठाता है और अपने बेवकूफ साले को कोतवाल बना देता है. राज्य का हवलदार और सिपाही नये कोतवाल को देखकर खुश नहीं होते और उसे फंसाने की तरकीब सोचने लगते हैं. हवलदार को पता चलता है कि कोतवाल को गाना सुनने का शौक है. ऐसे में हवलदार अपनी प्रेमिका मैनावती के साथ मिलकर कोतवाल को फंसाने की चाल चलता है और कोतवाल के आगे मैनावती के प्यार का झांसा डाल देता है. मैनावती कोतवाल से शादी करने की शर्त पर राजा का छपरी पलंग मांग लेती है. कोतवाल हवलदार और सिपाही से छपरी पलंग मंगवा लेता है और हवलदार राजा को इस चोरी की खबर दे देता है. छपरी पलंग आने के बाद कोतवाल जब मैनावती से शादी करने पहुंचता है तो राजा पंडित का वेश धर कर पहुंच जाता है. दोनों की शादी हो जाती है, लेकिन बाद में पता चलता है कि दुल्हन मैनावती नहीं बल्कि मैनावती का शागिर्द है. अंत में राजा हवलदार से खुश होकर उसे कोतवाल बना देता है.

इनकी भूमिका रही सराहनीय

नाटक में प्रदीप कुमार ने कोतवाल, मनोज कुमार दास ने हवलदार, राहुल कुमार ने सिपाही, सोनू सिंह ने राजा, संतोष कुमार ने प्रधान, लक्ष्मी कुमारी दास ने मैनावती की भूमिका निभायी. नेपथ्य में मंच संचालन वर्षा अग्रहरि, प्रस्तुति प्रभार लक्ष्मी देवी व लक्ष्मी कुमारी, मंच प्रभार एवं समन्वयक नीतू कुमारी, नृत्य निदेशक लक्ष्मी कुमारी दास, रूप व मंच सज्जा मृत्युंजय भौमिक, वस्त्र सजा विक्रांत पासवान, प्रचार प्रसार मनोज कुमार दास, ध्वनि शैलेंद्र कुमार, सहायक निदेशक प्रदीप एवं संतोष, आयोजन सहायक संजीव श्रीवास्तव, रूपेंद्र नारायण सिंह, विनोद सिंह, अरुण कुमार, रामकुमार महाराज, अमित कुमार, महेंद्र सिंहा, प्रदीप दत्ता, सुशील गुप्ता, प्रशांत कुमार, प्रमोद शर्मा पिंटू, जयशंकर प्रसाद, सुबोध मोदी एवं बसंत कुमार आदि की भूमिका रही.

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