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Home Rajya बिहार अंधविश्वास ने छीनी दो जिंदगी: सांप के डंसने पर गर्भवती महिला को मंदिर ले गये परिजन, मौत

अंधविश्वास ने छीनी दो जिंदगी: सांप के डंसने पर गर्भवती महिला को मंदिर ले गये परिजन, मौत

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अंधविश्वास ने छीनी दो जिंदगी: सांप के डंसने पर गर्भवती महिला को मंदिर ले गये परिजन, मौत
सांकेतिक तस्वीर

कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट

Snake Bite Death : बांका जिले के कटोरिया प्रखंड के कागीसार गांव में अंधविश्वास और इलाज में हुई देरी एक गर्भवती महिला की मौत का कारण बन गई. करैत सांप के डंसने के बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय मंदिर में नीर पिलाने के लिए ले गए. जब तक महिला को कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी. चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

जमीन पर सो रही थी, करैत ने काट लिया

मृतका की पहचान कागीसार गांव निवासी अशोक यादव की 30 वर्षीय पत्नी कविता देवी के रूप में हुई है. वह गर्भवती थी. परिजनों ने बताया कि दो दिन पहले परिवार में छोटी ननद की शादी हुई थी, जिसके कारण घर में मेहमानों की भीड़ थी. उमस भरी गर्मी के कारण शुक्रवार रात कविता देवी पलंग छोड़ जमीन पर बिछावन लगाकर सो गई. शनिवार की अहले सुबह सोए अवस्था में ही विषैले करैत सांप ने उन्हें डंस लिया.

मंदिर में नीर पिलाने में बीत गया कीमती समय

शुरुआत में परिवार ने सर्पदंश को गंभीरता से नहीं लिया. सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गांव के दूबे भयहरण मंदिर ले जाया गया, जहां नीर पिलाकर ठीक करने का प्रयास किया गया. हालत लगातार बिगड़ने पर बाद में कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार और डॉ. शैलजानंद शुक्ला ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया.

मौत के बाद परिवार में मचा कोहराम

Snake Bite Death : कविता देवी की मौत की सूचना मिलते ही पूरे परिवार में मातम छा गया. पति अशोक यादव, 10 वर्षीय पुत्र रविश कुमार, सास सुलोचना देवी, ससुर झारी यादव सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल बना हुआ है.

चिकित्सकों ने दी अंधविश्वास छोड़ने की सलाह

चिकित्सकों ने कहा कि करैत जैसे विषैले सांप के काटने पर हर मिनट कीमती होता है. ऐसे मामलों में झाड़-फूंक, नीर पिलाने या अन्य अंधविश्वासी उपायों में समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है. मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर एंटी स्नेक वेनम उपचार शुरू कराना ही सबसे प्रभावी उपाय है. बरसात के मौसम में सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए लोगों को जमीन पर सोने से बचना चाहिए और सर्पदंश की किसी भी घटना को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें, जानें चिकित्सकों की राय

क्या करें (तुरंत अपनाएं ये कदम)

  • शांत रहें और ढांढस बंधाएं: पीड़ित व्यक्ति को घबराने न दें, क्योंकि घबराहट से दिल की धड़कन बढ़ती है और जहर शरीर में तेजी से फैलता है.
  • अंगों को स्थिर रखें: जिस अंग (हाथ या पैर) पर सांप ने काटा है, उसे बिल्कुल न हिलाएं। उसे सीधा और दिल के स्तर से नीचे रखने की कोशिश करें.
  • गहने और तंग कपड़े हटाएं: डंसे हुए अंग से तुरंत घड़ी, अंगूठी, चूड़ी या तंग कपड़े हटा दें, क्योंकि सूजन आने पर ये रक्तप्रवाह को रोक सकते हैं.
  • घाव को साफ करें: यदि संभव हो, तो घाव को साफ पानी या साबुन से हल्के से धो लें, लेकिन उस पर दबाव न डालें.
  • बिना समय गंवाएं अस्पताल भागें: मरीज को सीधे निकटतम सरकारी अस्पताल (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ले जाएं, जहां एंटी-वेनम (Anti-Snake Venom) उपलब्ध हो.

क्या बिल्कुल न करें (ये गलतियां हो सकती हैं जानलेवा)

  • झाड़-फूंक या मंदिर-मजार के चक्कर में न पड़ें: ओझा, गुणी, तांत्रिक या किसी मंदिर में नीर (जल) पिलाने के फेर में कीमती समय बर्बाद न करें.
  • चीरा न लगाएं (कट न मारें): ब्लेड या चाकू से घाव पर चीरा लगाने की गलती बिल्कुल न करें, इससे संक्रमण और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है.
  • मुंह से जहर चूसने की कोशिश न करें: फिल्मों की तरह मुंह से जहर खींचने (सक्शन) का प्रयास न करें, इससे चूसने वाले की जान को भी खतरा हो सकता है.
  • कसकर पट्टी या डोरी न बांधें (टूर्निकेट): पुराने तरीकों की तरह अंग को रस्सी या कपड़े से अत्यधिक कसकर न बांधें, इससे उस हिस्से का रक्तसंचार पूरी तरह बंद हो सकता है और अंग सड़ सकता है.
  • कोई दवा या जड़ी-बूटी न दें: डॉक्टर की सलाह के बिना मरीज को कोई भी घरेलू नुस्खा, जड़ी-बूटी या दर्द निवारक दवा (जैसे एस्पिरिन) न खिलाएं.

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