पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट
Patna News: बिहार में बाल शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में पहली बार 8 माह के शिशु की सफल रोबोटिक सर्जरी की गई. इसके साथ ही संस्थान में नवजात और छोटे बच्चों की रोबोटिक सर्जरी की नई शुरुआत हो गई है.
8 माह के शिशु की सफल रोबोटिक सर्जरी
डॉक्टरों के अनुसार, शिशु जन्मजात बीमारी से पीड़ित था. उसकी किडनी से पेशाब बाहर ले जाने वाले रास्ते में रुकावट थी, जिससे पेशाब किडनी में जमा हो रहा था और किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया था. रोबोटिक तकनीक की मदद से इस जटिल समस्या का सफल इलाज किया गया.
छोटे बच्चों के लिए बनी विशेष रोबोटिक सर्जरी टीम
IGIMS ने नवजात और छोटे बच्चों की रोबोटिक सर्जरी के लिए अलग से विशेषज्ञ टीम का गठन किया है. अब तक रोबोटिक सर्जरी मुख्य रूप से वयस्क मरीजों की ही की जाती थी, लेकिन अब बच्चों के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध होगी.
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने किया सफल ऑपरेशन
यह जटिल सर्जरी प्रो. डॉ. विनीत कुमार ठाकुर, डॉ. ओम पूर्वे और डॉ. विवेक रंजन की टीम ने सफलतापूर्वक की. एनेस्थीसिया टीम में डॉ. प्रीति कुमारी और डॉ. कोमल की भी अहम भूमिका रही. इस पूरी प्रक्रिया में बाल शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. विजयेन्द्र कुमार का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा.

बिहार के चिकित्सा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि
IGIMS के निदेशक डॉ. विंदे कुमार, उपनिदेशक विभूति प्रसन्न सिन्हा और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से अब जटिल जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
Patna News: बच्चों के इलाज में खुलेगा नया अध्याय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता बिहार में बाल चिकित्सा और रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी. इससे राज्य के बच्चों को अत्याधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधा अपने ही प्रदेश में मिल सकेगी.
ALSO READ: 2000 रुपये के लोन के जाल में फंसा युवक, AI से अश्लील तस्वीरें बनाकर परिवार को भेजीं, जानिए
