siwan news : दो जून को सीवान के मंदिरों में दर्शन का समय

Siwan News: सिवान जिले की दिनभर की गतिविधियों से आपको रू-ब-रू कराने के लिए हम आपके लिए आपके शहर की पूरी जानकारी एक साथ लेकर आए हैं. कौन से धार्मिक स्थल कब खुलेंगे, कब बंद होंगे, सारी जानकारी इस खबर में आपको एक साथ मिलेगी.

By DEEPAK MISHRA | June 2, 2026 6:20 AM

दो जून को सीवान के मंदिरों में दर्शन का समय

हंसनाथ धाम,सोहगरा मंदिर दर्शन की समय सारणी क्या है? 

मंदिर पट खुलने का खुलने का समय सुबह 4 बजे (ब्रह्म मुहूर्त)

श्रृंगार व आरती सुबह 5 बजे

संध्या कालीन आरती 8.30 शाम को

मंदिर बंद होने का समय रात 9 बजे

महेंद्रनाथ धाम,सिसवन मंदिर दर्शन की समय सारणी क्या है? 

सुबह 4 बजे श्रद्धालुओं के लिए बाबा का पट खुलेगा

सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए बाबा का पट बंद कर दिया जायेगा

सुबह 9 बजे से 9:30 तक श्रृंगार और आरती होगी

सुबह 9.30 बजे से शाम 7 बजे तक पट खुला रहेगा

संध्या 7 से 7:30 बजे तक आरती होगी

रात 9 बजे पट बंद कर दिया जायेगा

मंदिर प्रशासन ने भक्तों से निर्धारित समय का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है. ताकि सभी श्रद्धालु सुचारु रूप से दर्शन कर सकें

दो जून को कैसा रहेगा सीवान का मौसम

2 जून को सीवान में गर्मी के बीच बारिश और आंधी के आसार, मौसम विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह दी है.जून की शुरुआत के साथ ही जिले में मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 2 जून को जिले में दिनभर उमस भरी गर्मी महसूस होगी, जबकि दोपहर बाद या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है. 

मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद तापमान में कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से गर्मी और उमस बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. 

पूर्वानुमान के मुताबिक कई जिलों में 2 जून को तेज हवा, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. ऐसे में किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. 

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि बीच-बीच में बादल छाने और हल्की बारिश होने से लोगों को आंशिक राहत भी मिल सकती है. 

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि मौसम को देखते हुए खेतों में चल रहे कार्यों की योजना बनाएं. गरज-चमक और तेज हवा की संभावना के दौरान खुले खेतों में रहने से बचें तथा कृषि यंत्रों और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.