सीवान के गुठनी अंचल में तीन राजस्व कर्मियों के भरोसे 10 पंचायत और नगर पंचायत, लोगों के जरूरी काम हो रहे प्रभावित
Revenue Department: सीवान के गुठनी अंचल में 10 पंचायतों और नगर पंचायत का राजस्व कार्य मात्र तीन राजस्व कर्मियों के भरोसे चल रहा है. कर्मियों की कमी से जमाबंदी, नामांतरण, एलपीसी और म्यूटेशन जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
Revenue Department: गुठनी प्रखंड मुख्यालय सहित अंचल क्षेत्र के 10 पंचायतों और एक नगर पंचायत का पूरा राजस्व प्रबंधन इन दिनों केवल तीन राजस्व कर्मियों के भरोसे संचालित हो रहा है. कर्मचारियों की भारी कमी के कारण अंचल कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो रहा है, वहीं आम लोगों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है.
जमाबंदी से लेकर नामांतरण तक सभी कार्य हो रहे प्रभावित
अंचल कार्यालय के माध्यम से जमाबंदी, नामांतरण (म्यूटेशन), एलपीसी, भूमि सर्वेक्षण, नापी सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य किए जाते हैं. लेकिन सीमित संख्या में कर्मियों के कारण इन कार्यों के निष्पादन में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है.
लोगों को करना पड़ रहा लंबा इंतजार
स्थानीय लोगों का कहना है कि आवेदन जमा करने के बाद भी समय पर निस्तारण नहीं हो पाता. प्रतिदिन अंचल कार्यालय में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लेकिन अतिरिक्त कार्यभार के कारण राजस्व कर्मी सभी आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं कर पा रहे हैं.
फील्ड कार्य भी हो रहे प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार, केवल तीन कर्मियों पर पूरे क्षेत्र की जिम्मेदारी होने के कारण स्थलीय जांच, भूमि नापी, फील्ड निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच जैसे कार्यों में भी लगातार देरी हो रही है. इसका सीधा असर आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है.
अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से मांग की है कि गुठनी अंचल में जल्द अतिरिक्त राजस्व कर्मियों की नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति की जाए, ताकि लोगों को समय पर सेवाएं मिल सकें. उनका कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले समय में लंबित मामलों की संख्या और बढ़ सकती है.
क्या बोले अंचलाधिकारी?
गुठनी के अंचलाधिकारी डॉ. विकास कुमार ने बताया कि राजस्व कर्मियों की कमी से विभाग को अवगत करा दिया गया है. उन्होंने कहा कि जैसे ही अतिरिक्त कर्मियों की उपलब्धता होगी, कार्यों में तेजी आएगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.
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