सीवान में ड्यूटी से 4 माह से नदारद शिक्षिका, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, जांच और कार्रवाई की मांग

Siwan News: सीवान के भगवानपुर हाट स्थित कन्या मध्य विद्यालय हुलेसरा की शिक्षिका पिछले चार माह से बिना सूचना अनुपस्थित हैं. ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और वेतन भुगतान की जांच की मांग की है.

By RANJEET KUMAR | July 4, 2026 5:19 PM

Siwan News: सीवान जिले के भगवानपुर हाट प्रखंड स्थित कन्या मध्य विद्यालय, हुलेसरा में पदस्थापित प्रखंड शिक्षिका निभा कुमारी के पिछले चार माह से बिना किसी सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित रहने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.

9 मार्च से लगातार विद्यालय नहीं पहुंचीं शिक्षिका

विद्यालय के प्रधानाध्यापक व्यास मुनि यादव ने बताया कि शिक्षिका निभा कुमारी 9 मार्च 2026 से लगातार विद्यालय से अनुपस्थित हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षिका की ओर से न तो अवकाश का कोई आवेदन दिया गया है और न ही अनुपस्थिति की कोई आधिकारिक सूचना दी गई है.

पहले भी तीन माह तक रही थीं अनुपस्थित

प्रधानाध्यापक के अनुसार, पिछले वर्ष भी शिक्षिका करीब तीन माह तक बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित रही थीं. उस समय उन्होंने योगदान स्वीकार करने से इनकार किया था, लेकिन वरीय अधिकारियों के निर्देश पर उनका योगदान लेना पड़ा. इस वर्ष भी 9 मार्च से लेकर 4 जुलाई 2026 तक शिक्षिका विद्यालय नहीं आई हैं.

ग्रामीणों ने वेतन भुगतान की जांच की मांग की

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित शिक्षिका अक्सर लंबे समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रहती हैं. ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि अनुपस्थिति की अवधि में वेतन का भुगतान हुआ है तो इसकी भी निष्पक्ष जांच कराई जाए. हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

बीईओ बोले- मामले की होगी जांच

इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी जिला स्तर पर भेज दी गई है. वहीं, जब प्रधानाध्यापक द्वारा सूचना नहीं मिलने की बात सामने आई तो उन्होंने कहा कि विभाग अपने स्तर से मामले की जांच करेगा और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग

ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिक्षिका की अनुपस्थिति के दौरान विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गई. यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए.

फिलहाल मामला शिक्षा विभाग के संज्ञान में है और स्थानीय लोगों की नजर विभागीय जांच तथा आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है.

Also Read: बिहार में होगा 6000 करोड़ रुपये का निवेश, लगेंगी 29 फैक्ट्रियां, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार