सीवान में काली पट्टी बांध सड़कों पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता, आपातकाल को लेकर किया बड़ा दावा

Siwan BJP Emergency Protest : सीवान में भाजपा ने आपातकाल की वर्षगांठ पर विरोध मार्च निकाला. नेताओं ने 1975 के आपातकाल को लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार बताते हुए जन-जागरण अभियान चलाया.

By Sakshi kumari | June 25, 2026 11:40 AM

सीवान से अमर नाथ शर्मा की रिपोर्ट
Siwan BJP Emergency Protest:
25 जून 1975 को लागू किए गए आपातकाल की वर्षगांठ पर भारतीय जनता पार्टी ने सीवान में ‘काला दिवस’ मनाया. इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध मार्च निकाला और लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए नई पीढ़ी को उस दौर से अवगत कराने की बात कही.

आपातकाल की वर्षगांठ पर भाजपा का विरोध मार्च

भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को आपातकाल की वर्षगांठ पर सीवान में विरोध मार्च और जन-जागरण अभियान का आयोजन किया. मार्च महाबीरी पथ स्थित भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रो. अभिमन्यु सिंह के आवास से शुरू हुआ और जेपी चौक पहुंचकर सभा में बदल गया.

काली पट्टी बांधकर किया विरोध प्रदर्शन

कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. सभी ने काली पट्टी बांधकर आपातकाल के विरोध में प्रदर्शन किया और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लिया.

भाजपा जिलाध्यक्ष ने आपातकाल को बताया काला अध्याय

सभा को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष राहुल तिवारी ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय था.
उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित किया गया. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को उस समय की परिस्थितियों से अवगत कराना है.

लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप

जिला उपाध्यक्ष धनंजय सिंह ने कहा कि 25 जून भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद तिथि के रूप में दर्ज है. उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान आम नागरिकों की आवाज दबाई गई और लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर पड़ा. उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए समाज को हमेशा जागरूक रहने की आवश्यकता बताई.

पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी किया जिक्र

भाजपा नेता राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि आपातकाल के दौरान राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि उस समय समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू की गई थी और विरोध के स्वरों को नियंत्रित करने का प्रयास हुआ था.

लोकतंत्र की रक्षा का लिया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया. नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने के लिए समाज को जागरूक और सतर्क रहना आवश्यक है. कार्यक्रम में भाजपा नेता हरेंद्र कुशवाहा, देवेंद्र गुप्ता, सत्यम सिंह, अम्बालाल शर्मा, आदित्य पाठक समेत कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे.

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