चांद का हुआ दीदार, रमजान का पहला रोजा आज

दार, रमजान का पहला रोजा आजप्रतिनिधि, महाराजगंज. रमजान को लेकर शहर के बाजार में बुधवार को पूरे दिन चहल-पहल बनी रही. गुरुवार से शुरू हो रहे रमजान के मुबारक महीने में सेहरी व इफ्तार के लिए रोजेदार सेवई, ब्रेड, फल, खजूर समेत अन्य चीजों की खरीदारी करते रहे. शहर के मुस्लिम इलाका पसनौली, शाहपुर, मोहन बाजार, काजी बाजार समेत अन्य मुहल्ले में मुबारक महीने के दौरान इफ्तार व सेहरी को लेकर तैयारियां सुबह से ही हो रही थी

By DEEPAK MISHRA | February 18, 2026 10:15 PM

प्रतिनिधि, महाराजगंज. रमजान को लेकर शहर के बाजार में बुधवार को पूरे दिन चहल-पहल बनी रही. गुरुवार से शुरू हो रहे रमजान के मुबारक महीने में सेहरी व इफ्तार के लिए रोजेदार सेवई, ब्रेड, फल, खजूर समेत अन्य चीजों की खरीदारी करते रहे. शहर के मुस्लिम इलाका पसनौली, शाहपुर, मोहन बाजार, काजी बाजार समेत अन्य मुहल्ले में मुबारक महीने के दौरान इफ्तार व सेहरी को लेकर तैयारियां सुबह से ही हो रही थी. इस वर्ष माह-ए- रमजान का पहला रोजा 13 घंटा 48 मिनट का होगा. जो माह-ए- रमजान का सबसे छोटा रोजा होगा. माह-ए- रमजान का अंतिम रोजा सबसे बड़ा होगा, जो 14 घंटा 28 मिनट का होगा. इधर शाम ढलते ही लोग घरों की छतों के साथ ही खुले मैदान में चांद के दीदार के लिए जुटने लगे थे. जैसे ही आसमान में चांद के दीदार हुआ, लोगों ने खुशियां मनानी शुरू कर दी, चांद देखने के साथ ही महिलाएं सेहरी की तैयारी में जुट गईं,मस्जिदों में रौनक बढ़ गई है. 30 दिनों तक मुबारक महीने में होती है खुदा की इबादत- शहर के शाही जामा मस्जिद के इमाम मौलाना इसरारुल हक ने बताया कि रमजान मुबारक महीने में 30 दिन तक मुस्लिम समाज के लोग खुदा की इबादत करते हैं. सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक मुस्लिम समुदाय के लोग कुछ खा-पी नहीं सकते हैं. इस दौरान वह पांच वक्त की नमाज पढ़ते हैं व सूर्यास्त के बाद ही वह रोजा खोलते हैं. साथ ही रमजान में मस्जिदों व घरों में में कुरान की तिलावत भी की जाती है. सभी लोगों के लिए रमजान में रोजा रखना जरूरी माना जाता है.