पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
Purniya news : राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में सोमवार को एक मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया में हुई कथित देरी को लेकर परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा. मौत के करीब पांच घंटे बाद भी पुलिस के अस्पताल नहीं पहुंचने से नाराज परिजनों ने जीएमसीएच के मुख्य गेट के सामने लाइन बाजार की मुख्य सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया. इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई. हालांकि पुलिस ने वैकल्पिक व्यवस्था कर आंशिक रूप से आवाजाही जारी रखी.
परिजनों का आरोप था कि मरीज की मौत के तुरंत बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराने के लिए संबंधित थानों को सूचना दे दी गई थी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी कोई पुलिसकर्मी पंचनामा और अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए अस्पताल नहीं पहुंचा. उनका कहना था कि संबंधित थाने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, जिससे अनावश्यक विलंब हुआ.
आश्वासन के बाद टूटा जाम
आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य सड़क जाम कर दी. सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया. पुलिस अधिकारियों ने तत्काल पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराने का भरोसा दिया. आश्वासन मिलने के बाद परिजन शव को सड़क से हटाने पर राजी हुए. इसके बाद करीब एक घंटे से बाधित यातायात सामान्य हो सका.
जीएमसीएच में इलाज के दौरान हुई थी मौत
मृतक की पहचान रुपौली थाना क्षेत्र निवासी पटेल मंडल के रूप में हुई है. परिजनों ने बताया कि पटेल मंडल अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए टेंपो से अररिया जिले के पलासी जा रहे थे. इसी दौरान रानीगंज के पास टेंपो की एक बाइक से टक्कर हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच रेफर किया गया. परिजन उन्हें शाम करीब चार बजे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया.
ALSO READ : बिहार की 1.5 लाख छात्राओं को मिलेगा 50000 का तोहफा, जानें कब आएगा पैसा
