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Home बिहार पटना पंचायती राज मंत्रालय के राष्ट्रीय कार्यशाला में राज्यों ने साझा किये अनुभव

पंचायती राज मंत्रालय के राष्ट्रीय कार्यशाला में राज्यों ने साझा किये अनुभव

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पंचायती राज मंत्रालय के राष्ट्रीय कार्यशाला में राज्यों ने साझा किये अनुभव

पंचायती राज की कार्यशाला में ग्राम पंचायतों के लिए गैर राजस्व नीति तैयार करने की अनुसंशा की गयी

पंचायती राज मंत्रालय के राष्ट्रीय कार्यशाला में राज्यों ने साझा किये अनुभव

संवाददाता,पटना

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यशाला में विभिन्न राज्यों द्वारा समूह गठित कर अनुशंसाएं की गयीं. बिहार, मेघालय,मणिपुर, असम और सिक्किम के समूह द्वारा यह अनुसंशा की गयी कि भारत सरकार ग्राम पंचायतों के लिए गैर राजस्व (नन टैक्स) नीति तैयार करे. अभी तक ग्राम पंचायतों के स्व काराधान की स्पष्ट नीति नहीं है. पंचायतों को सरकार द्वारा तैयार टैक्स नीति हैं जिसके माध्यम से नल-जल योजना, संपत्ति कर जैसे टैक्स वसूले जाते हैं. ग्राम पंचायतों के नन टैक्स नीति नहीं है.

टीम लीडर टीआरआइ ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के राजेश ने बताया कि ग्राम पंचायतों के अपने राजस्व को लेकर नीति नहीं रहने से कई तरह की समस्याएं होती हैं. जैसे कोई भी उद्यमी ग्राम पंचायत के अंदर उद्योग स्थापित कर ले, कोई व्यक्ति दुकान लगावे, कृषि उत्पाद को बेचने के लिए दुकान लगावे. इस प्रकार के नन टैक्स को लेकर अभी तक कोई प्रावधान नहीं हैं. नन टैक्स लगाने के लिए ग्राम पंचायतों को किससे अनुमति लेनी होगी, किस उद्योग या दुकान कितना टैक्स लगाया जायेगा. उस राशि का कैसे उपयोग किया जायेगा. इसकी कोई नीति नहीं है. इस ग्रुप ने अनुसंशा की कि ग्राम पंचायतों की जितनी भी योजनाएं हैं , उनकी नियमित अंतराल पर समीक्षा की जानी चाहिए. इसके अलावा पंचायती राज मंत्रालय की सभी योजनाओं का अंग्रेजी में डिजिटल रूप में उपलब्ध है. ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को इसकी कोई जानकारी नहीं है. ऐसे में निर्वाचित सभी जनप्रतिनिधि को कंप्यूटर की अनिवार्य जानकारी दी जाए, जिससे वह पंचायती राज की सभी योजनाओं की अद्यतन जानकारी रख सकें. साथ ही ग्रुप द्वारा स्वास्थ्य सेवा देनेवाले एएनएम को स्थानीय भाषा की जानकारी हो. त्रिपुरा के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि वहां ग्राम पंचायतों का एक पोर्टल है जिस पर ग्रामीण को शिकायत दर्ज कराने पर उसका समाधान हो जाता है. नागरिक उसे उस पोर्टल पर देख भी सकते हैं. उत्तराखंड की प्रतिनिधि विनिता सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतों में वन स्टेप सेंटर होनी चाहिए, जहां पर नागरिकों को सुविधा मिल सके.

बिहार सरकार की योजनाओं की दी गयी जानकारी

पंचायती राज विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बिहार सरकार द्वारा हर घर नल का जल योजना की जानकारी सभी राज्यों के प्रतिनिधियों को दी. समाज कल्याण निदेशक कौशल किशोर ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सहित बालिकाओं को दी जा रही पोशाक योजना और मातृ वंदन योजना की जानकारी दी. यूनिसेफ के प्रतिनिधि अभय कुमार सिंह ने बताया कि बिहार के अररिया और पूर्णिया जिला के 10 ग्राम पंचायतों में बाल हितैषी का पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है. पीएचइडी के संयुक्त निदेशक डेविड कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि राज्य के 99 प्रतिशत लोगों को अब शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है. दीदी की रसोई व दीदी की पौधाशाला की जानकारी जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा ने दी. बिहार में संचालित होने वाली ग्राम कचहरियों के कार्य और अधिकार की जानकारी चाणक्य विधि विश्वविद्यालय के प्रो डाॅ एसपी सिंह ने दी. पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह ने सभी विभागों द्वारा प्रस्तुत पीपीटी की संक्षिप्त जानकारी दी.

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