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Home बिहार मुजफ्फरपुर बिहार के इस जिले में अब नहीं चलेगी लापरवाही, ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं तो पुरानी गाड़ी पर लग सकता है तगड़ा जुर्माना

बिहार के इस जिले में अब नहीं चलेगी लापरवाही, ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं तो पुरानी गाड़ी पर लग सकता है तगड़ा जुर्माना

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बिहार के इस जिले में अब नहीं चलेगी लापरवाही, ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं तो पुरानी गाड़ी पर लग सकता है तगड़ा जुर्माना
सांकेतिक फोटो

Online Registration: पुराने गाड़ी जिनका रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं दिख रहा है, उसे ऑनलाइन कराने को लेकर अब ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा. पुराने ऑफलाइन गाड़ियों को ऑनलाइन कराने के लिए वाहन मालिक 15 साल पूरा होने का इंतजार करते है. 15 साल पूरा होने के बाद री-रजिस्ट्रेशन व ऑनलाइन कराने दोनों का आवेदन एक साथ करते है. ऑनलाइन की अनुमति पटना मुख्यालय द्वारा दी जाती है, जिसमें महीनों का समय लगता है. इस बीच में उनके गाड़ी का निबंधन फेल हो जाता है, री-रजिस्ट्रेशन के समय उन्हें निबंधन शुल्क से अधिक जुर्माना की राशि जमा करनी पड़ती है.

विभाग ने क्या निर्देश दिया

इस जुर्माना राशि से बचने के लिए पुराने वाहन मालिक उसे ऑनलाइन कराने के लिए 15 साल पूरा होने का इंतजार ना करे और उसे पहले ही ऑनलाइन कराने के लिए आवेदन करे. ताकि भविष्य में उन्हें जुर्माना ना लगे और री-रजिस्ट्रेशन के समय भी उनको महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. वहीं परिवहन विभाग का स्पष्ट आदेश है कि जो भी ऑफलाइन गाड़ी है उसमें एचएसआरपी नहीं लगा है उस पर सख्त कार्रवाई के निर्देश है.

इस संबंध में डीटीओ कुमार सत्येंद्र यादव ने बताया कि पुराने गाड़ियों की सख्ती से जांच हो रही है. ऑनलाइन नहीं होने पर हाई सिक्योरिटी प्लेट नहीं लग पाता है और इस पर जुर्माना लगता है. री-रजिस्ट्रेशन में भी परेशानी होती है. दुर्घटना में गाड़ी की पहचान नहीं हो पाती है. इससे बचने के लिए ऑफलाइन गाड़ियों को ऑनलाइन कराये.

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कैसे करें ऑनलाइन आवेदन

पुराने गाड़ी को ऑनलाइन कराने के लिए आवेदन की हार्ड कॉपी के साथ ऑनलाइन आवेदन वाहन मालिकों को परिवहन विभाग के वेबसाइट पर जाकर करना है. इसमें खुद से तिथि चयन (स्लॉट बुकिंग) कर, तय समय पर इसके बाद वाहन का भौतिक सत्यापन एडीटीओ व एमवीआइ से कराने के लिए गाड़ी को लेकर पताही एयरपोर्ट मैदान पर ले जाना होगा. जहां गाड़ी के फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद गाड़ी के साथ परिवहन विभाग के पदाधिकारी की फोटो विभागीय एप में खींची जायेगी.

हार्ड कॉपी डीटीओ ऑफिस में जमा होगी और पूरी रिपोर्ट ऑनलाइन फोटो अटैच कर मुख्यालय भेजी जाती है. मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद उक्त वाहन की ऑनलाइन इंट्री की जा सकेगी. जो आवेदन अब तक मुख्यालय नहीं भेजे गये है, उसे विभाग द्वारा ऑनलाइन अपलोड कर भेजना है.

इसका लाभ यह होगा कि कई बार यहां से पटना पेपर भेजे जाने के क्रम में एक दो पेपर इधर उधर हो जाते है, इसके बाद फिर से आवेदन करना होता है. लेकिन सभी दस्तावेज अपलोड हो जायेंगे तो इसके बाद उन्हें कागज खोने का डर नहीं रहेगा.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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