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वज्रपात के दौरान बचाव व पीड़तों के त्वरित उपचार का मिला प्रशिक्षण

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वज्रपात के दौरान बचाव व पीड़तों के त्वरित उपचार का मिला प्रशिक्षण

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय एनएसएस इकाई की ओर से डीजे कॉलेज कैंपस में आयोजित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने वज्रपात से बचाव और इससे पीड़ित के उपचार का प्रशिक्षण दिया गया. इसमें राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया.

कार्यक्रम में सभी स्वयंसेवकों का रक्त जांच भी करवायी गयी, ताकि आई कार्ड पर ब्लड ग्रुप लिखा जा सके और आपदा के समय रक्तदान कर वे जीवन रक्षक बन सकें. बौद्धिक सत्र में रिसोर्स के रूप में मुंगेर विश्वविद्यालय के सीनेटर सह अंग्रेजी के प्राध्यापक प्रो भावेशचंद्र पांडे ने जीवन के उद्देश्य के खोज पर प्रभावशाली जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुछ लोग सक्सेस के लिए जीते हैं तो कुछ लोग मिशन के लिए जीते हैं. कुछ ऐसे व्यक्तित्व होते हैं, जो बर्बाद तो हो सकते हैं, लेकिन जीवन में कभी हार नहीं मानते. उन्होंने स्वयंसेवकों को बेहतर इंसान बनने के लिए संदेश दिया.

व्रजपात से बचाव का मिला प्रशिक्षण

पांचवें दिन एसडीआरएफ के प्रशिक्षकों ने स्वयंसेवकों को ठनका (व्रजपात) के कारण, ठनका होते समय बचने का सुरक्षित तरीका, वज्रपात के उपरांत पीड़तों की अस्पताल पूर्व चिकित्सा, घरेलू सामग्री से बिजली तड़ित चालक बनाना, लू, उससे बचाव और लू लगने पर प्राथमिक उपचार के साथ चक्कर आने के कारण व निवारण, शीत लहर से बचाव के उपाय, जल स्वच्छता, जल जीवन हरियाली अभियान के मुख्य अवयव, जल संचयन की संरचनाओं नदी, पोखर, आहर, पईन की आवश्यकताओं का विश्लेषण, अकीरा मियावाकी पद्धति इत्यादि की विस्तृत जानकारी दी. इसके बाद जेआरएस कॉलेज के एनएसएस पीओ डॉ राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मौके पर जेआरएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो देवराज सुमन व डीएसडब्ल्यू प्रो महेश्वर मिश्र भी मौजूद थे.

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