एचडब्ल्यूसी की बदहाल व्यवस्था के कारण मार्च में गिरा मुंगेर जिले का रैंकिंग

जिले में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की बदहाल व्यवस्था ने मार्च माह में मुंगेर जिले के रैंकिंग को एक पायदान पीछे धकेल दिया है.

By RANA GAURI SHAN | April 18, 2026 6:48 PM

हाई रिस्क प्रेगनेंसी, ओपीडी, एएनसी जांच में जिले के अधिकांश एचडब्ल्यूसी लापरवाह

मुंगेर. जिले में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की बदहाल व्यवस्था ने मार्च माह में मुंगेर जिले के रैंकिंग को एक पायदान पीछे धकेल दिया है. जिसके कारण जिले में एचडब्ल्यूसी के संचालन में फरवरी माह में दूसरा स्थान हासिल करने वाला मुंगेर जिला मार्च में एक पायेदान पिछड़कर तीसरे पायेदान पर पहुंच गया है.

जिले में संचालित एचडब्ल्यूसी पर लापरवाही का हाल यह है कि एचएमआइएस पोर्टल के अनुसार जिले के कई एचडब्ल्यूसी पर पूरे मार्च माह में गर्भवती महिलाओें के लिए लगने वाले एएनसी जांच शिविर में न तो एक भी हाई रिस्क प्रेगनेंसी की गर्भवती पायी गयी और न ही हाइपर टेंशन की एक भी गर्भवती पायी गयी, जबकि सरकार के नियमानुसार संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या का 10 प्रतिशत हाई रिस्क प्रेगनेंसी और तीन प्रतिशत हाइपर टेंशन के मरीज होते हैं. ऐसे में जिले के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर प्रत्येक माह तीन बार संचालित होने वाले एएनसी जांच शिविर में गर्भवतियों को मिल रहे सुविधाओं का केवल अंदाजा ही लगाया जा सकता है. इतना ही नहीं मार्च में कई एचडब्ल्यूसी द्वारा अंतरा का प्रयोग नहीं किया गया, जबकि बीते माह ही जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा चलाया गया था. जिसमें जिले की उपलब्धि भी मात्र 40 प्रतिशत ही रही. इसके अतिरिक्त मार्च माह में जिले के अधिकांश एचडब्ल्यूसी द्वारा अपने क्षेत्र में ओआरएस का वितरण भी नहीं किया गया. जिसके कारण हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के संचालन में मुंगेर जिला मार्च माह में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. हालांकि मार्च माह में सदर प्रखंड स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ मधु प्रिया अपने बेहतर कार्य प्रबंधन के लिए राज्य में तीसरे स्थान पर रही है.

मार्च माह में मुंगेर जिला एचडब्ल्यूसी के संचालन में तीसरे स्थान पर है. हालांकि फरवरी माह मेंं मुंगेर की रैंकिंग दूसरी थी. उन्होंने बताया कि एचडब्ल्यूसी के कार्यों की समीक्षा की जा रही है. जिन एचडब्ल्यूसी द्वारा कार्य में लापरवाही बरती गयी है. वहां के संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी.

डॉ राजू, सिविल सर्जनB