बिना चिकित्सक सदर अस्पताल कैसे बनेगा सुपर स्पेशलिस्ट, स्वीकृत 32 पद में मात्र 23 कार्यरत
How will Sadar Hospital become a super specialist?
बदहाली : 6 माह में सदर अस्पताल से चले गये सर्जन सहित 6 चिकित्सक
मुंगेरएक ओर सरकार सात निश्चय योजना-3 के तहत सभी जिलों के सदर अस्पताल को सुपर स्पेशलिस्ट बनाने की योजना बना रही है, वहीं मुंगेर सदर अस्पताल में लगातार चिकित्सकों की कमी से रोगियों का इलाज मुश्किल भरा होता जा रहा. हाल यह है कि पिछले 6 माह में ही सदर अस्पताल से एक सर्जन सहित 6 चिकित्सक चले गये. बदहाली यह है कि अस्पताल में चिकित्सकों के कुल 32 स्वीकृत पद पर मात्र 23 चिकित्सक ही कार्यरत हैं. जिनके कंधों पर ही अस्पताल के 14 विभाग हैं. अब ऐसे में मुंगेर सदर अस्पताल सरकार की योजना के अनुसार सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल बने या न बने, लेकिन वर्तमान में सदर अस्पताल रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है.6 माह में चले गये सर्जन सहित 6 चिकित्सक
सदर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी का हाल यह है कि साल 2025 से अबतक के 6 माह में ही अस्पताल में कार्यरत 6 चिकित्सक जा चुके हैं. जिसमें कई चिकित्सक इस्तीफा दे चुके हैं व कई चिकित्सक लंबे अवकाश पर चले गये हैं. इसमें सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ प्रेमप्रकाश, जनरल सर्जन डॉ निलेश, डॉ नीतीश राज, डॉ स्मृति सिंह, डॅ स्वाति अटोलिया, डॉ रजनीश, ऑर्थो सर्जन डॉ विशाल शामिल हैं.मात्र 23 चिकित्सकों के भरोसे सदर अस्पताल
मुंगेर प्रमंडल मुख्यालय है. जिसके कारण सदर अस्पताल में न केवल जिले के मरीज, बल्कि पड़ोसी जिले खगड़िया, लखीसराय, बेगूसराय के मरीज भी इलाज के लिये आते हैं. ऐसे में सदर अस्पताल में संचालित ओपीडी, इमरजेंसी, पुरूष मेडिकल व सर्जिकल, महिला मेडिकल व सर्जिकल, आईसीयू, ओटी, प्रसव केंद्र, एमसीएच, एसएनसीयू, एनआरसी, पीकू वार्ड की जिम्मेदारी के लिये मात्र 23 चिकित्सक ही कार्यरत है. जबकि अस्पताल में चिकित्सकों के कुल स्वीकृत पद 32 हैं.आयुष चिकित्सकों के भरोसे ओपीडी
नियमानुसार ओपीडी में प्रत्येक विभाग के लिये विशेषज्ञ चिकित्सकों का होना अनिवार्य है. लेकिन यहां ओपीडी के अधिकांश विभाग आयुष चिकित्सकों के भरोसे हैं. हलांकि अस्पताल में जो 23 चिकित्सक कार्यरत हैं. उनमें 3 आयुष चिकित्सक भी हैं. ये आयुष चिकित्सक ही ओपीडी में किसी दिन फिजिशयन चिकित्सक के रूप में अपनी सेवा देते हैं तो किसी दिन हड्डी रोग विशेषज्ञ विभाग में ड्यूटी करते हैं.कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि 6 चिकित्सक अवकाश पर चले गये हैं या इस्तीफा दे चुके हैं. ऐसे में जितने भी चिकित्सक हैं. उनके द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा है. हलांकि विभाग को चिकित्सकों की कमी को लेकर अवगत कराया गया है.———————————बॉक्स
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