साहब! सरकार ने दी जमीन, मकान बनाने से पड़ोसी कर रहा मना

साहब! सरकार ने दी जमीन, मकान बनाने से पड़ोसी कर रहा मना

By BIRENDRA KUMAR SING | June 5, 2026 9:35 PM

समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे फरियादियों ने भूमि विवाद, आवास निर्माण में बाधा, पेंशन, दुर्घटना अनुदान और जनवितरण प्रणाली से जुड़ी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं. डीएम ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया.

मुंगेर. जिलाधिकारी निखिल धनराज के जनता दरबार में शुक्रवार को लोग अपनी फरियाद लेकर समाहरणालय पहुंचे. डीएम ने एक-एक कर सभी आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवेदन भेजते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि कार्रवाई की प्रतिलिपि आवेदकों को उपलब्ध करायी जाए.

बरियारपुर के विजय नगर निवासी फूदो मंडल ने बताया कि सरकार द्वारा उन्हें बासगीत पर्चा के आधार पर आवासीय जमीन उपलब्ध करायी गयी है. उस जमीन पर इंदिरा आवास की भी स्वीकृति मिल चुकी है. इसके बावजूद पड़ोसी जबरन मकान निर्माण कार्य रोक देता है. उन्होंने अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की.

तारापुर प्रखंड के राजगुरु निवासी कृष्ण प्रसाद चौधरी ने शिकायत की कि उनके पड़ोसी दीपक कुमार द्वारा संचालित बड़ी आटा चक्की के कारण कंपन उत्पन्न हो रहा है. इससे उनके सहित आसपास के लोगों के मकानों में क्षति पहुंच रही है.

माधोपुर निवासी झाको देवी ने बताया कि आधार में फिंगर प्रिंट अपडेट नहीं होने के कारण वर्ष 2023 से उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद है. उन्होंने पेंशन पुनः चालू कराने की मांग की.

मुफस्सिल थाना क्षेत्र के टीकारामपुर निवासी मंजू देवी ने वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में पुत्र की मृत्यु के बाद परिवहन विभाग से मिलने वाली अनुदान राशि दिलाने की मांग उठायी.

वहीं खड़गपुर प्रखंड के गोवड्डा शामपुर निवासी सविता देवी ने शिकायत की कि पड़ोसी इंदिरा आवास योजना के तहत बन रहे उनके मकान निर्माण कार्य में बाधा पहुंचा रहा है.

आयुक्त के सचिव ने भी सुनी फरियाद

मुंगेर.

आयुक्त के सचिव सुधीर कुमार ने भी जनता दरबार में फरियादियों की समस्याएं सुनीं. जनता दरबार में कुल सात आवेदन प्राप्त हुए. इनमें मुंगेर जिले से चार, बेगूसराय से एक, खगड़िया से एक तथा लखीसराय जिले से एक आवेदन शामिल था.प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद, पर्चा बेदखली, जनवितरण प्रणाली से संबंधित शिकायतें तथा अन्य जनहित के मुद्दे शामिल थे. आयुक्त के सचिव ने सभी मामलों की गंभीरता से सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को विभागीय नियमों के अनुरूप त्वरित निष्पादन करने और प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.