चैती छठ : 36 घंटे के निर्जला व्रत प्रारंभ, आज संध्या में श्रद्धालु देंगे अर्घ

आस्था के महापर्व चैती छठ में सोमवार को खरना मनाया गया. खरना के साथ ही छठ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ हो गया

By SHARATH TRIPATHI | March 24, 2026 12:25 AM

संग्रामपुर : आस्था के महापर्व चैती छठ में सोमवार को खरना मनाया गया. खरना के साथ ही छठ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ हो गया. सोमवार की संध्या व्रती महिलाएं और पुरुषों ने पूरे दिन उपवास रखकर शाम को विधि-विधान से खड़ना पूजन किया. बताया गया कि खरना में भगवान भास्कर को दूध, केला, अनार, सेब का मिश्रित भोग लगाया जाता है. जिसे प्रसाद स्वरूप व्रती धारण करती है और इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ हो जाता है. इसके बाद परिवार और आसपास के लोग खरना का प्रसाद ग्रहण करते हैं. खरना के दूसरे दिन संध्या बेला में अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ दिया जाता है और उसके अगले दिन अहले सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ अर्पित किया जाता है. इसके साथ ही आस्था का महापर्व चैती छठ का समापन होता है. मान्यता है कि इस पर्व में शुद्धता, नियम और आस्था का विशेष महत्व है.